महाभारत का एक दृश्य
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गजेंद्र ने आगे कहा, 'उस दिन शूट के लिए हम सात बजे तैयार थे लेकिन देखा कि एक भी गांव वाला आया ही नहीं। दस बजा, ग्यारह बजा और तो और दो बज गए, तब कुछ गांव वाले नजर आए। इस बात से चोपड़ा साहब काफी नाराज हो गए कि आप लोगों को सुबह बुलाया तो आप लोग आए क्यों नहीं। तो लोगों ने कहा कि आज कैसे आते, आज तो रविवार था। आज तो महाभारत देखते हैं हम लोग। यानी जितने भी लोग थे वो अपने- अपने घरों में महाभारत की शूटिंग ही देख रहे थे जबकि उन्हें महाभारत के शूट में ही आना था। लेकिन उनका कहना था कि बिना देखे हम नहीं आ सकते थे।