महाभारत का एक दृश्य
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बातचीत में गजेंद्र चौहान ने बताया, "मैं 'कृष्ण' का किरदार करना चाहता था, लेकिन फिर मुझे लगा कि युधिष्ठिर भी उतना ही ताकतवर किरदार है। क्योंकि कहानी जो है वो युधिष्ठिर के आस पास ही घूमती है। आप वो दृश्य भी देखिए जहां युधिष्ठिर नहीं है लेकिन बात सिर्फ युधिष्ठिर की होती है। युधिष्ठिर को कैसे युवराज बनाना है, कैसे महाराज बनाना है, कैसे सम्राट बनाना है और कैसे चक्रवर्ती सम्राट बनाना है। यानी तमाम हस्तिनापुर वासी युधिष्ठिर के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे में मुझे जो भी किरदार मिला वो मैंने स्वीकारा और ऐसी कोशिश रखी कि आने वाले वक्त में सभी इस किरदार को याद रखें और मुझे खुशी है कि मुझे आज भी इस किरदार के नाम से याद किया जाता है।'