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टीवी के 'महादेव' ने इंटरव्यू में खोले 'उरी' के राज, कमांडो बन पाक में करेंगे सर्जिकल स्ट्राइक

Mon, 07 Jan 2019 03:56 PM IST
anand anand वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम
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mohit raina
देवों के देव-महादेव यानी शंकर भगवान का रूप धरने वाले मोहित रैना के चाहने वाले लाखों में हैं। टेलीविजन के बाद उन्होंने बड़ा धमाका किया वेब सीरीज 21 सरफरोश में। अब आगे क्या? यही जानने की कोशिश की अमर उजाला ने मोहित रैना से इस खास मुलाकात में।
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mohit raina
टीवी सीरियल्स में इंसान इतना काम करता है कि फिर आराम से काम करना भी मुश्किल लगता है, क्या कहेंगे?
हां, थोड़ा मुश्किल इसलिए होता है क्योंकि हम लोगों की एक आदत बन जाती है टेलीविजन में 16 से लेकर 18 घंटे काम करने की। इसमें हम शारीरिक रूप से काफी थक भी जाते हैं पर ये इस माध्यम का तरीका है। इतने घंटे इसमें काम करने की जरूरत है, यही इसी यूएसपी है जिसे कोई बदल नहीं सकता। जहां  तक बात डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर आने वाली वेब सीरीज की है,  फिल्मों की है तो उनके निर्माण में बहुत समय लगता है। लोग बारीकी में घुसकर काम करते हैं और काफी ज़्यादा तादाद में लोग इसमे जुड़े होते हैं। टीवी में एक बार आपने शुरूआत कर दी तो समय के साथ दौड़ना पड़ता है फिल्मों में ऐसा नहीं होता है।
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मोहित रैना
आपने महादेव का किरदार किया और दर्शकों में आपकी छवि आज भी वही है। कितना मुश्किल होता है ऐसी किसी विशाल छवि से बाहर आना?
नहीं उससे बाहर आने की तो ज़रूरत ही नहीं है। मुझे नहीं लगता कि अभी वैसा होता है। जब हम कुछ अच्छा देखते हैं वह हमारे साथ काफी समय तक बरकरार रहता है पर वह सिर्फ कुछ समय तक रहता है तो जब शो खतम हुआ लोगों के साथ कुछ सालों तक था वो। बहुत ज़्यादा था पर मुझे नहीं लगता कि अब ऐसा होता है। जो मूल है वह उनका प्यार है, तो वो जो एक कड़ी होती है वो जुड़ी हुई है। मुझे नहीं लगता की कभी वह जाएगा और मैं चाहता भी नहीं हूं कि कभी वह जाए।

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मोहित रैना
उरी में अपने किरदार के बारे में बताइए?
मैं एक स्पेशल फोर्स का कमांडो हूं और उसमे भी मैं एक स्नाइपर हूं। ये जो भी ऑपरेशन होता है। किस तरीके से हमने इस ऑपरेशन को पूरा किया, इसकी एक अहम कड़ी ये स्नाइपर भी है।  
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uri
इस सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर जो राजनीति हुई, उसके बारे में क्या कहेंगे?
सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर किसी तरह की कंट्रोवर्सी नहीं है। फिल्म का काम है मनोरजन करना। साथ ही अगर ये देश के लोगों में देश प्रेम की भावना जगाती है। हर इंसान अपने देश को चाहता है, बस कुछ लोग इसे महसूस कर पाते हैं और कुछ नहीं। सब जानना चाहते हैं कि आखिर दो साल पहले हुआ क्या था?
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uri
अब आगे की क्या प्लानिंग है?
क्रिएटिविटी के लिए हिंदी सिनेमा का ये सबसे बेहतरीन दौर चल रहा है। अगर आपके पास कुछ भी नया करने की, कुछ भी अलग कहने की बात है तो सिनेमा सुनने को तैयार है। मुझे तो एक के बाद एक ऑफर्स आ रहे हैं पर मैं हड़बड़ी में भागने वाला इंसान नहीं हूं। टीवी में पैर जमाए, वेब सीरीज में दम दिखाया, अब बारी सिनेमा की है। इसके बाद जो भी होगा, सामने आता जाएगा।
 
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