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रामायण: बड़े बुजुर्ग भी छूते थे कम उम्र की 'सीता' के पैर, शूट के अंतिम दिन ऐसा हो गया था माहौल

Wed, 29 Apr 2020 08:34 AM IST
Avinash Pal एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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रामायण - फोटो : सोशल मीडिया
लॉकडाउन की वजह से छोटे पर्दे पर कई टीवी शोज की दोबारा वापसी हुई है, यानी कई ऐसे टीवी शोज हैं जिनका दोबारा प्रसारण किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में सबसे ऊपर नाम आता है रामानंद सागर की रामायण का। पुराने कार्य्रकमों की वापसी के साथ ही अमर उजाला आपको उन कार्यक्रमों से जुड़े किस्से भी बता रहा है। इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए आपको बताते हैं रामायण और 'सीता' के बारे में।
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Ramayan - फोटो : twitter
रामानंद सागर हर एपिसोड को सोमवार से गुरुवार तक शूट करते, शुक्रवार को एडिट करते और रविवार सुबह ब्रॉडकास्ट के लिए मुंबई भेजते। शूटिंग ज़्यादातर रात को होती थी और तड़के सुबह ही पैकअप होता था। याद दिला दें कि 'रामायण' भारत में इतना लोकप्रिय हुआ था कि जब इसका एपिसोड आना शुरू होता था, तो जो जहां होता था, वहीं खड़ा रह जाता था और सब कुछ थम जाता था।
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रामायण - फोटो : सागर आर्ट्स
'रामायण' में सीता का किरदार निभाया था, दीपिका चिखलिया ने, उन्हें लोग आज भी रामायण की 'सुपरस्टार' मानते हैं। दीपिका ने एक इंटरव्यू में बताया था, 'शूटिंग के दौरान बहुत गर्मी और उमस हुआ करती थी क्योंकि तब न पंखे थे और न एसी। हम सब अपने सुंदर कॉस्ट्यूम में, गहनों से संवरे हुए बुत की तरह घूमते रहते थे। सेट पर हमेशा 200 से 300 लोग मौजूद रहते थे।'

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People watching Ramayan - फोटो : Instagram
बता दें कि लखनऊ के एक अस्पताल में मरीजों ने इस बात की शिकायत की थी कि डॉक्टर और नर्स 'रामायण' शुरू होते ही उन्हें छोड़कर सीरियल देखने चले जाते थे। वहीं राजनीतिक दलों ने भी उस वक्त रैली निकालना बंद कर दिया था। कहते हैं कि लोगों ने अपनी शादी की तारीख और समय तक बदल दिए थे ताकि रामायण का एक भी एपिसोड उनसे न छूटे। गौरतलब है कि 'रामायण' रविवार सुबह साढ़े नौ बजे आता था और तब लोग अपने टीवी पर माला डाल देते थे। लोगों का विश्वास था कि ईश्वर साक्षात उनके घर आ गए हैं। 
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Ramayan - फोटो : Instagram
उन दिनों को याद करते हुए दीपिका ने बताया था, 'जब यह धारावाहिक शुरू हुआ था तो मेरी उम्र ज्यादा न थी और तब इस बात का तनिक भी अहसास नहीं था कि हम नया इतिहास रचने जा रहे हैं। रामायण की लोकप्रियता का आलम यह था कि दादा-दादी, मम्मी-पापा की उम्र के लोग आकर मेरे पांव छूते थें। मुझे बहुत बुरा लगता था लेकिन फिर समझ में आया कि यह तो उनकी आस्था है, विश्वास है। वे मेरे नहीं, सीता के चरण स्पर्श कर रहे हैं।'
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Ramayan - फोटो : Twitter
दीपिका ने बताया था, '31 जुलाई, 1988 को रामायण का अंतिम एपिसोड प्रसारित हुआ था। हम सब अलग होने से पहले एक-दूसरे से गले मिले। मानो एक युग का अंत हुआ। बेहद मुश्किल लग रहा था उस रुटीन से बाहर आना।' दीपिका के मुताबिक रामायण की कहानी और किरदार इतने खूबसूरत और असरदार थें कि लोग उन्हें अब भी पहचानते हैं, सम्मान देते हैं। उस वक्त उन जैसे कलाकार लोगों के लिए ईश्वर की चलती-फिरती मूर्ति थे।
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