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Bigg Boss 14: जान ने अपने बूते बनाया अपना नाम, ‘अमर उजाला’ से खास मुलाकात में किए दिलचस्प खुलासे

Sun, 04 Oct 2020 12:07 AM IST
anand anand रोहिताश सिंह परमार, मुंबई
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जान कुमार सानू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जाने माने पार्श्वगायक कुमार सानू के बेटे जान कुमार सानू टीवी के रियलिटी शो 'बिग बॉस' के घर में दाखिल होने वाले हैं। शो में जाने से पहले जान फिलहाल क्वॉरेंटीन में हैं और शो के नियम के हिसाब से उनका 'बिग बॉस' के घर में प्रवेश लेने से पहले कोरोना वायरस का परीक्षण भी किया जाएगा। घर में दाखिल होने से पहले जान से अमर उजाला ने उनके करियर, निजी जिंदगी और 'बिग बॉस' के बारे में विशेष चर्चा की।
 
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जान कुमार सानू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
आप 'बिग बॉस' का हिस्सा बनने जा रहे हैं। यहां तक पहुंचने में आपको अपने पिता कुमार सानू से कितनी मदद मिली?

देखिए, मेरे पिता से मैंने अपने करियर को लेकर न तो कोई मदद पहले कभी ली है और भविष्य में न ही कभी लेना चाहूंगा। मेरे पापा का इस इंडस्ट्री में कोई गॉडफादर नहीं था इसलिए उनका मानना है कि जो चीजें खुद से प्राप्त की जाएं तो इंसान उसका मूल्य अच्छे से समझता है। इसलिए, मैंने अपने करियर में अपने पिता से कोई मदद नहीं ली। हां, लेकिन गायिकी में उन्होंने मुझे कुछ परामर्श जरूर दिए हैं। अगर मैं गाने में कोई गलती करता हूं या फिर कहीं अटकता हूं तो मैं उनसे मदद लेता हूं।
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जान कुमार सानू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
खुद से करियर बनाने का विचार आपके पिता का है या फिर आपका ऐसा मानना है?

जी, ऐसा मेरा भी मानना है। मैंने गायन की शुरुआत तीन साल की उम्र में की थी। अब एक तीन साल का बच्चा तो यह समझता नहीं है कि उसका पिता एक महान गायक है। उसके बाद सात साल की उम्र में मैंने क्लासिकल संगीत सीखना शुरू किया। उनका मानना है कि जो कुछ करना है, अपने दम पर हासिल करो। अगर उन्होंने मेरे करियर में मेरी मदद की होती तो मैं आज बड़ी बड़ी फिल्मों और बड़े-बड़े स्थानों पर गा चुका होता। फिलहाल मैं अपना मुकाम अपने आप हासिल करने की कोशिश कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा।

अपने पिता के नाम का आपको फायदा नहीं मिला। तो क्या इसका आपको कभी कोई नुकसान झेलना पड़ा?

दरअसल, नुकसान भी नहीं हुआ। मैं काफी गर्व महसूस करता हूं जब मेरा और मेरे पिता का नाम एक वाक्य में लिया जाता है। हर कोई इतना भाग्यशाली नहीं होता कि जहां मुझसे बात हो और कुमार सानू का नाम आए। मुझे तो गर्व महसूस होता है कि जितना प्यार मेरे पिता को इस देश की जनता से मिला है, उसमें से थोड़ा बहुत मेरे पास भी आता है। मैं तो यही दुआ करूंगा कि लोगों का जितना प्यार मेरे पिता को मिला, अगर उतना मुझे भी मिलेगा तो मैं बहुत आगे जा सकूंगा।

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जान कुमार सानू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
वंशवाद पर आपकी क्या राय है? क्या इससे इंडस्ट्री में नाम कमाया जा सकता है?

वंशवाद का तो मुझे नहीं पता क्योंकि इसका कोई भी फायदा मुझे कभी नहीं मिला। क्योंकि मैं वंशवाद के लिए नहीं जाना जाता। अगर मैं वंशवाद का उत्पाद होता तो मुझे भी काफी सारे ऑफर मिल रहे होते। मैं काफी अच्छी जगह पर गा रहा होता और मुझे काफी काम मिल रहा होता। लेकिन, यह चीज है नहीं। क्योंकि, मैं वंशवाद का उत्पाद नहीं हूं। मेरा सिर्फ इतना मानना है कि अगर आपके अंदर हुनर हैं तो आप किसी की भी औलाद हों, आपका नाम आगे आएगा ही आएगा। और, अगर आपके अंदर हुनर नहीं है तो आपके पिता चाहे कुछ भी हों, आपको नाम मिलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।


इस शो से पहले क्या आपको कभी सलमान खान से मिलने का मौका मिला?

यह मेरे लिए पहला ही मौका था जब मुझे प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे मिलने का मौका मिला। मैं उनसे मिलकर बहुत नर्वस भी था और उतना ही उत्साहित भी था। और, मेरे अंदर थोड़ा डर भी था क्योंकि वह इस देश के सबसे बड़े सुपरस्टार हैं। सिर्फ यही मेरी भावनाएं हैं। 

आपके पिता ने सलमान खान के लिए काफी गीत गाए हैं। तो, क्या आपने सलमान खान को टीवी पर देखकर अपने पिता के सामने उनसे मिलने की इच्छा जाहिर नहीं की?

दरअसल, मेरा पालन पोषण बहुत ही साधारण रहा है। मेरी मां ने इस चीज पर बहुत ध्यान दिया है कि हम पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें और अपनी जिंदगी की चीजों को आगे बढ़ाएं। वैसे मैं सलमान सर से मिलने की काफी लंबे समय से कोशिश कर रहा था लेकिन मैं अपने पिता के जरिए उनसे कभी मिल नहीं पाया। कभी आमने सामने मुलाकात नहीं हो पाई है लेकिन मैंने लाइन में और भीड़ में खड़े रहकर उन्हें दूर से जरूर देखा है। क्योंकि, मैं उनका फैन हूं। लेकिन, अब मैं अपने आप को बहुत भाग्यशाली समझता हूं कि मुझे 'बिग बॉस' का हिस्सा बनने का मौका मिला और साथ ही सलमान सर से मिलने का भी।
 
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जान कुमार सानू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
आप कहां क्वॉरेंटीन हैं और कितने समय से?

(हंसते हुए) आपको वाकई लगता है कि मैं यह सब बता पाऊंगा? चैनल वाले ही मुझे मार देंगे। वैसे मैं क्वॉरेंटीन में हूं और चैनल की तरफ से मुझे मस्त दो दोस्त मिले हैं जो मेरा बहुत ख्याल रखते हैं। मुझे कभी भी कोई तकलीफ हो या फिर मुझे किसी भी चीज की जरूरत पड़े तो ये मेरे दोस्त मेरे हमेशा साथ रहते हैं। और रही बात स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था की तो मैं पूरा दिन अपने कमरे में ही रहता हूं और यहीं से अपने सारे काम करते रहता हूं।

'बिग बॉस' के घर के अंदर की दुनिया कुछ अलग है। वहां बने रहने के लिए क्या रणनीति बनाई है आपने?

'बिग बॉस' के घर में रहने की कोई रणनीति न ही बनाएं तो ही बेहतर है। क्योंकि, अगर रणनीति बनाकर गए तो शायद सबसे पहले ही बाहर निकल आएंगे। इस शो की सबसे बड़ी चुनौती तो यही है कि यह हमेशा बदलते रहता है। इस हिसाब से अगर आप किसी रणनीति के तहत अंदर जाएंगे तो बहुत जल्द ही बाहर आ जाएंगे। रणनीति बनाकर जाने का विचार भी अच्छा नहीं है। मैं कोशिश करूंगा कि अपने आप में वास्तविक रहूं और बदलने की कोशिश न करूं। शायद इस शो के अंदर यही मेरी ताकत भी रहेगी।


'बिग बॉस' के घर के अंदर जाने के बाद आप किसे सबसे ज्यादा याद करने वाले हैं?

घर के अंदर जाने के बाद सबसे ज्यादा मैं अपनी मां को ही याद करूंगा। मुझे अपने भाइयों की और पिता की भी याद आएगी। और, मुझे अपने रियाज की भी याद आएगी। अगर मुझे गिटार और तानपुरा घर के अंदर ले जाने की अनुमति होती तो मेरे दिन तो बड़े सुकून से कट जाते। फिलहाल तो मेरी मां का आशीर्वाद मेरे साथ है और शो में जाने को लेकर उत्साहित हूं।
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