अरुण गोविल (राम)
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आगे उन्होंने कहा कि, 'सुबह देर हो गई और मैं उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाया। मुझे अपने अंदर एक खालीपन महसूस हो रहा है क्योंकि वो मेरे एक प्रिय मित्र थे। हमने साथ में काफी लंबा समय बिताया था और वो मेरे साथी कलाकार थे। सीता के साथ-साथ राम और रावण रामायण के दो दमदार पात्र थे लेकिन हमारे बीच किसी भी तरह की प्रतियोगिता या दुश्मनी की भावना नहीं थी। वो एक महान कलाकार और सच्चे व्यक्ति थे। वो अपने काम में सर्वश्रेष्ठ थे और हमारे बीच में कोई मुद्दा नहीं था'।