गुप्त
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फिल्म फेयर बेस्ट परफॉर्मेंस इन ए निगेटिव रोल का अवार्ड काजोल के अलावा सिर्फ प्रियंका चोपड़ा ने फिल्म एतराज के लिए जीता है। इस पुरस्कार के लिए नामित होने वाली अदाकाराओं में फिल्म प्यार तूने क्या किया के लिए उर्मिला मातोंडकर, फिल्म मकड़ी के लिए शबाना आजमी, फिल्म जिस्म के लिए बिपाशा बसु, फिल्म अरमान के लिए प्रीति जिंटा और फिल्म कलयुग के लिए अमृता सिंह शामिल हैं। काजोल से इस किरदार पर अब भी बात करो तो वह चहक उठती हैं। वह मानती हैं कि गुप्त में ईशा दीवान का किरदार करना उनके लिए एक बहुत बड़ी चुनौती भी थी और करियर के लिहाज से बहुत बड़ा खतरा भी, लेकिन वह कहती हैं कि लाइफ मे थोड़ा रिस्क तो लेना ही चाहिए। काजोल को कंफर्ट जोन से बाहर जाकर कुछ अलग करना शुरू से पसंद रहा है। हां, ये वह बिल्कुल नहीं मानतीं कि गुप्त जैसी फिल्म का भी कोई सीक्वल बन सकता है। वह तो यहां तक कहती हैं कि उन्होंने जितनी भी फिल्में अब तक अपने करियर में की हैं, उनमें से किसी का ना तो रीमेक होना चाहिए और न ही उसकी सीक्वेल बननी चाहिए।
काजोल को विलेन बनाकर राजीव राय ने जो जुआ खेला, उसमें वह जीत गए। राजीव ने और भी तमाम एक्सपरीमेंट इस फिल्म में किए हैं। जेम्स बॉन्ड की फिल्मों की शुरूआत की तरह ही फिल्म गुप्त के ओपनिंग क्रेडिट्स डिजाइन उन्होंने बनवाए। लोगों को ये पसंद भी आए। महिलाओं की नाचती छायाओं के ऊपर उभरते कलाकारों और तकनीशियनों के नामों ने फिल्म का मूड सेट करने में काफी मदद की। राजीव ने फिल्म बनाई ही वयस्क दर्शकों को ध्यान में रखकर थी तो थोड़ा बहुत ओवरबोर्ड जाने में भी राजीव ने यहां परहेज नहीं किया। राजीव राय की असल जीत थी फिल्म के सहायक कलाकारों के लिए काबिल अभिनेताओं की पूरी लाइन लगा देना। फिल्म में प्रिया तेंदुलकर के अलावा राज बब्बर से लेकर परेश रावल, शरत सक्सेना, प्रेम चोपड़ा, रजा मुराद, सदाशिव अमरापुरकर, ओम पुरी, कुलभूषण खरबंदा, दलीप ताहिल और मुकेश ऋषि के अलावा तमाम कलाकार फिल्म में ऐसे रहे जिन्होंने अपने अपने छोटे लेकिन असरदार किरदारों में जान डालने में कसर नहीं छोड़ी।