अमिताभ बच्चन के करियर की पहली सोलो हिट ‘जंजीर’ ने उन्हें हिंदी सिनेमा में बतौर एंग्री यंग मैन भले स्थापित कर दिया हो, लेकिन अगर आप अमिताभ बच्चन की फिल्मों की लिस्ट कायदे से देखेंगे तो एहसास होगा कि अमिताभ को सुपरस्टार बनाने में उन फिल्मो को ज्यादा बड़ा हाथ रहा, जिनमें वह उस समय के दूसरे बड़े कलाकारों के साथ नजर आए। 1973 में रिलीज हुई फिल्म ‘जंजीर’ के बाद भी अमिताभ बच्चन की तमाम सोलो फिल्में फ्लॉप रहीं और उनके करियर को असली उड़ान यश चोपड़ा की फिल्म ‘दीवार’ से ही 1975 में शुरू हो सकी। इसके बाद ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘कभी कभी’, ‘हेरा फेरी’, ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘खून पसीना’, ‘परवरिश’, ‘कसमे वादे’, ‘त्रिशूल’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘काला पत्थर’, ‘सुहाग’, ‘दोस्ताना’, ‘राम बलराम’, ‘याराना’ और ‘नसीब’ सब मल्टीस्टारर फिल्में हैं। अमिताभ बच्चन का जिक्र आज इसलिए क्योंकि उनकी मल्टीस्टारर फिल्मों में एक भी नाम फिरोज खान के साथ की गई फिल्म का नहीं है। अमिताभ बच्चन और फिरोज खान ने हमेशा एक दूसरे का सम्मान किया और एक दूसरे के काम की इज्जत भी की, बस संयोग ऐसा रहा कि दोनों एक साथ कभी किसी फिल्म में काम नहीं कर सके और ये बात खुद अमिताभ को आज तक सालती है। जिस फिल्म में इन दोनों की जोड़ी बनते बनते बिल्कुल करीब से रह गई, वो फिल्म है ‘दयावान’। आज ही के दिन 32 साल पहले रिलीज हुई ये फिल्म ही हमारी आज के बाइस्कोप की फिल्म है।
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