जावेद अख्तर ने उठाए सवाल
जावेद अख्तर ने एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा है, 'मुजफ्फरनगर यूपी पुलिस ने निर्देश दिया है कि निकट भविष्य में किसी विशेष धार्मिक जुलूस के मार्ग पर सभी दुकानों, रेस्टोरेंट और यहां तक कि वाहनों पर मालिक का नाम प्रमुखता से और स्पष्ट रूप से दर्शाया जाना चाहिए। आखिर क्यों?'
विवाद के बाद पुलिस ने कही ये बात
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में प्रशासन ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों को उनके मालिकों के नाम लिखने के लिए कहा है। प्रशासन के इस निर्देश पर विवाद छिड़ गया है। विवाद के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस ने गुरुवार को कहा कि पुलिस ने सभी भोजनालयों से अपने मालिकों और कर्मचारियों के नाम 'स्वेच्छा से प्रदर्शित' करने का आग्रह किया है। साथ ही कहा कि इस आदेश का उद्देश्य किसी भी प्रकार का 'धार्मिक भेदभाव' पैदा करना नहीं है, बल्कि केवल भक्तों की सुविधा के लिए है।
Ridhima Pandit: शुभमन गिल से शादी करने पर फिर आया रिद्धिमा पंडित का जवाब, इस बार क्रिकेटर को बता दिया क्यूट
कांवड़ियों की सुविधा के लिए दिए गए निर्देश!
मुजफ्फरनगर पुलिस ने बताया कि 'श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में कांवड़िये पश्चिमी उत्तर प्रदेश होते हुए हरिद्वार से जल भरते हैं और मुजफ्फरनगर जिले से गुजरते हैं। श्रावण के पवित्र महीने के दौरान कई लोग, विशेषकर कांवड़िये अपने आहार में कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करते हैं'। जावेद अख्तर के पोस्ट पर यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ समर्थन में हैं तो कुछ गीतकार और स्क्रिप्ट राइटर से असहमति जता रहे हैं।
Bharti Singh: भारती सिंह का यूट्यूब चैनल हुआ हैक, कॉमेडियन ने पोस्ट साझा कर लगाई मदद की गुहार