फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ranveer Allahbadia: अभद्र टिप्पणी पर अल्लाहबादिया को सुप्रीम कोर्ट ने लताड़ा, कुछ निर्देशों के साथ दी यह राहत

Tue, 18 Feb 2025 12:12 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

India's Got Latent Row: समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लैटेंट' में अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में यूट्यूबर पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाज के कुछ मूल्य होते हैं।
विज्ञापन
रणवीर अल्लाहबादिया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लैटेंट' में की गई अभद्र टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया को जमकर लताड़ा है। अल्लाहबादिया की टिप्पणियों से नाराज न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कड़ी आलोचना करते हुए कुछ सवाल किए हैं, साथ ही कुछ निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा मामले में रणवीर इलाहाबादिया को कुछ राहत भी मिली है। जानते हैं कोर्ट ने क्या कहा...

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने और क्या कहा?

  • 'अल्लाहबादिया के दिमाग में यकीनन कुछ गंदगी थी, जो उन्होंने यूट्यूब शो पर उगल दी'
  • 'उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द बहन-बेटियों, माता-पिता और यहां तक कि समाज को भी शर्मिंदगी महसूस कराएंगे'
  • 'समाज के मूल्य क्या हैं? ये पैरामीटर क्या हैं, क्या आप जानते भी हैं'?
  • 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी को भी समाज के मानदंडों के खिलाफ कुछ भी बोलने की छूट नहीं है'


सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या निर्देश दिए?

  • रणवीर को अपना पासपोर्ट थाने में जमा करना होगा, वे बिना इजाजत भारत से बाहर नहीं जा सकेंगे
  • रणवीर को अपने खिलाफ दर्ज शिकायतों में पुलिस और जांच एजेंसियों का सहयोग करने को कहा गया
  • जब तक मामला खत्म नहीं होता तब तक रणवीर अल्लाहबादिया के शो का कोई भी एपिसोड ऑन-एयर नहीं होगा

विज्ञापन


रणवीर को क्या-क्या राहत मिलीं?

  • मुंबई और गुवाहाटी में दर्ज एफआईआर में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से उन्हें संरक्षण प्रदान किया गया है
  • आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में रणवीर अल्लाहबादिया के खिलाफ अब कोई भी नई एफआईआर नहीं होगी
  • अगर नई एफआईआर होती है तो रणवीर को अरेस्ट नहीं किया जाएगा


शिवसेना नेता शाइना एनसी बोलीं- 'कानून का डर होना जरूरी'
'इंडिया गॉट लैटेंट' विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने जो भी कहा वह सही है... कोई भी किसी व्यक्ति को निशाना नहीं बनाना चाहता, लेकिन उदाहरण के लिए कानून का डर होना बहुत जरूरी है। भारत एक ऐसा देश है, जहां संस्कृति और सभ्यता अभी भी बरकरार है और इसे हमेशा बरकरार रखना होगा। सुप्रीम कोर्ट का आदर-सम्मान करना चाहिए'।
 

Ranveer Allahbadia: पहले हुए नाराज, अब रणवीर के साथ आए गौरव तनेजा; पुलिस पर निकाली भड़ास

'दिमाग की गंदगी शो में उगल दी'
सुप्रीम कोर्ट ने शो में रणवीर को आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर लताड़ा है। कोर्ट ने कहा है कि उनके दिमाग में गंदगी है, जो यूट्यूब शो पर उगल दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किए हैं, 'समाज के मूल्य क्या हैं? ये पैरामीटर क्या हैं, क्या आप जानते भी हैं'। सुप्रीम कोर्ट ने इन्फ्लुएंसर रणवीर अल्लाहबादिया के वकील से पूछा, 'समाज के कुछ स्व-विकसित मूल्य हैं। आपको उनका सम्मान करने की जरूरत है।

India's Got Latent Row: वीडियो कॉल पर दर्ज नहीं होंगे समय रैना के बयान, रणवीर को 24 फरवरी को होना होगा पेश

समाज के मानदंडों के खिलाफ कुछ भी बोलने की छूट नहीं
इस मामले के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर अल्लाहबादिया को कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी को भी समाज के मानदंडों के खिलाफ कुछ भी बोलने की छूट नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- अश्लीलता और फूहड़ता के मापदंड क्या हैं?
यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया ने समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लैटेंट' में परिवार एवं माता-पिता को लेकर आपत्तिजनक व अभद्र टिप्पणी की थी। वे इस शो में बतौर गेस्ट शामिल हुए थे। उनकी इस अश्लील टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने अल्लाहबादिया के वकील से पूछा कि 'अश्लीलता और फूहड़ता के मापदंड क्या हैं'?



India's Got Latent Row: पुलिस की पहुंच से लगातार दूर रणवीर, जांच एजेंसी को भी नहीं दिया कोई जवाब

'इस तरह के व्यवहार की निंदा की जानी चाहिए'
कोई व्यक्ति अगर सोचता है कि वह इतना लोकप्रिय है, सिर्फ इसलिए क्या वह किसी भी तरह के शब्द बोल सकता है? क्या वह पूरे समाज को हल्के में ले सकता है? क्या धरती पर कोई ऐसा है, जो इस भाषा को पसंद करेगा? सुप्रीम कोर्ट ने अल्लाहबादिया की टिप्पणी पर कहा कि उनके दिमाग में कुछ बहुत गंदा है, जो उगल दिया गया है।

धमकी मिलने की दलील पर कोर्ट ने कही ये बात
इस मामले पर रणवीर अल्लाहबादिया के वकील ने कहा कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं। इस पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि यदि आप अपमानजनक भाषा का उपयोग करके सस्ता प्रचार प्राप्त कर सकते हैं, तो यह व्यक्ति (जिसने याचिकाकर्ता को धमकी दी है) धमकी देकर भी प्रचार प्राप्त कर रहा है।
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- 'केंद्र सरकार कुछ करना चाहती है'?
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केद्र से भी पूछा है कि क्या वह यूट्यूब पर अश्लील कंटेंट के बारे में कुछ करना चाहता है? कोर्ट ने कहा, 'हम चाहते हैं कि आप (सरकार) कुछ करें, अगर सरकार कुछ करने को तैयार है, तो हमें खुशी होगी। अन्यथा, हम इस खालीपन और बंजर क्षेत्र को उस तरह नहीं छोड़ेंगे जिस तरह से तथाकथित यूट्यूब चैनल और यूट्यूबर्स इसका दुरुपयोग कर रहे हैं'। जस्टिस सूर्यकांत ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से यह कहा और मामले में अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से सहायता मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें इस मुद्दे के महत्व और संवेदनशीलता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें