फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Netflix: लेस्बियन-गे पर फिल्माए दृश्यों से परेशान खाड़ी देश, समलैंगिक सामग्री को क्यों बताया आपत्तिजनक?

Wed, 07 Sep 2022 02:18 PM IST
वर्तिका तोलानी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
नेटफ्लिक्स - फोटो : Social media
खाड़ी अरब देशों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले समलैंगिक दृश्यों से परेशान है। यही कारण है कि ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने मंगलवार को नेटफ्लिक्स को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से "आपत्तिजनक सामग्री" हटाने काे कहा है। इतना ही नहीं साऊदी अरब की मीडिया ने नेटफ्लिक्स को "समलैंगिकता का आधिकारिक प्रायोजक" तक बता डाला है। अब सवाल यह उठता है कि खाड़ी अरब देशों को आखिर लेस्बियन और गे पर फिल्माए गए दृश्यों से क्या समस्या है? आइए समझते हैं...
विज्ञापन

2 of 4
समलैंगिक
दरअसल, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल की एक समिति की ओर से जारी संयुक्त बयान में यह अनुरोध किया है कि नेटफ्लिक्स अपनी सीरीज से समलैंगिक पर आधारित दृश्यों को हटाए। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका मानना है कि लेस्बियन और गे पर फिल्माए गए दृश्य "इस्लामी और सामाजिक मूल्यों व सिद्धांतों के विपरीत है।" बता दें कि इस गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ओमान और कतर के साथ छह देश शामिल हैं।
विज्ञापन

3 of 4
समलैंगिक
बता दें कि समिलि द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहीं भी गे और लेस्बियन नहीं लिखा हुआ है। हालांकि, सऊदी राज्य टेलीविजन ने एक बिहेवियरल कंसल्टेंट का साक्षात्कार भी प्रसारित किया है, जिसने नेटफ्लिक्स को "समलैंगिकता का आधिकारिक प्रायोजक" बताया। इतना ही नहीं इंटरव्यू में एक कार्टून के फुटेज को को भी प्रसारित किया जिसमें दो महिलाएं एक दूसरे को गले लगाया हुआ है। हालांकि फुटेज को धुंधला कर दिया गया था। 
विज्ञापन

4 of 4
समलैंगिक शादी
इससे पहले जून में मुस्लिम देशों द्वारा डिज्नी की नवीनतम एनिमेटेड फिल्म "लाइटियर" के सार्वजनिक प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया। बता दें कि इस फिल्म में दो समलैंगिक पात्रों को किस करते हुए दिखाया गया था। गौरतलब है कि कई मुसलमान, समलैंगिक को पापी मानते हैं। अरब दुनिया के कुछ हिस्सों में, एलजीबीटीक्यू समुदाय के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है और जेल की सजा सुनाई गई है। इतना ही नहीं, कुछ देश इन्हें मृत्युदंड तक की सजा सुनाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें