अमित साध
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमित साध के मुताबिक उन्हें बाइकिंग का शौक अपने पिता राम चंद्र डोगरा से विरासत में मिला, जो एक पेशेवर हॉकी खिलाड़ी थे। वह बताते हैं, “मुझे लगता है कि आपको कुछ चीजें विरासत में मिलती हैं। बाइकिंग का शौक मुझे अपने पिता से मिला। मैं बस उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहा हूं। एक देश के रूप में भारत बढ़ रहा है और यहां तक कि बाइकिंग समुदाय में भी, लड़के, लड़कियां, युवा और बूढ़े, हर कोई बाइक चला रहा है। समुदाय बढ़ रहा है, एकजुटता बढ़ रही है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं भारत में बाइक चला सकता हूं और यात्रा कर सकता हूं और उस यात्रा को मीडिया और लोगों के साथ साझा कर सकता हूं। मैं बहुत सौभाग्यशाली महसूस करता हूं कि मेरे पास वह बंधन है, जो भारत के साथ जुड़ता है।”