मैडम वेब
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डकोटा ने आगे कहा कि फिल्में एक फिल्म निर्माता और कलाकारों की एक टीम द्वारा बनाई जाती हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप इसे संख्यायों या फिर किसी तय विधि पर बनाए। दर्शक अब बेहद स्मार्ट हो गए हैं और मेकर्स को लगता है कि वे दर्शक को जो दिखाएंगे वे देख लेंगे। ऐसा नहीं है, दर्शक बकवास चीजों को महसूस करने में सक्षम हैं। आने वाले कुछ दिनों में भले ही फिल्में एआई से बननी शुरू हो जाएं, लेकिन दर्शक वहीं देखेंगे, जो वे देखना चाहते हैं।