राज कपूर फिल्म इंडस्ट्री के ग्रेट शोमैन थे। उन्होंने 10 साल की उम्र में हिंदी फिल्म इंकलाब में अभिनय किया। महज 24 साल की उम्र में खुद का स्टूडियो 'आर.के स्टूडियो' स्थापित कर डाला। उन्हें दुनिया छोड़े 33 साल हो गये हैं, लेकिन उनके बहुत-से किस्से आज भी मशहूर हैं। वह भारतीय सिनेमा के स्वर्णयुगीन फिल्मकार, निर्देशक और अभिनेता थे और करीब चार दशक तक इंडस्ट्री पर उनका कब्जा रहा। उन्होंने तिरसठ साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा। वह एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने अपने लिये शराब तक का ब्रांड चुन रखा था। राज कपूर ने ग्यारह साल की उम्र में फिल्म 'वाल्मीकि' में अपने पिता पृथ्वीराज कपूर के साथ काम किया और बाईस साल की उम्र में पहली फिल्म 'आग' बनाकर सिनेमा प्रेमियों को चकित कर दिया।
उन्होंने भारतीय सिनेमा को कालजयी फिल्में दीं। उनकी 'आवारा', 'श्री 420', 'मेरा नाम जोकर', 'बरसात' 'जागते रहो', 'राम तेरी गंगा मैली' और 'बॉबी' जैसी फिल्में आज भी दर्शकों को खूब पसंद आती हैं। इंडस्ट्री में उन्हें सब ‘पापाजी’ कहकर भी बुलाते थे। आइए उनका वह किस्सा सुनाते हैं, जब उनको फिल्म डायरेक्टर ने सेट पर ही चांटा मार दिया था...