विक्की कौशल
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विक्की कौशल ने आगे कहा, 'मलाड के उस छोटे से कमरे से मेरी और मेरे पेरेंट्स के सफर की शुरुआत हुई थी। हमें यहां तक पहुंचाने में मेरे पापा का काफी सहयोग रहा है, लेकिन आज भी अक्सर होता है कि पापा मम्मी एक कहानी कई बार सुनाते हैं। तो मम्मी भी हमेशा कहती हैं कि, जब तुम पैदा हुए थे, तो एक गद्दा था, एक आटे का डिब्बा और एक चूल्हा था, तो ज्यादा उड़ो मत।'