15 अगस्त 2012 को रिलीज हुई फिल्म ‘एक था टाइगर’ की कहानी अगले महीने एक नए मोड़ पर पहुंचने वाली है। भारत सरकार की खुफिया एजेंसी रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) का सबसे शातिर एजेंट अविनाश सिंह राठौड़ उर्फ टाइगर अब तो बड़े मिशन और एक छोटे मिशन पूरे कर चुका है। पहला मिशन उसका था प्रोफेसर किदवई से भारतीय तकनीक हासिल करने में लगे पाकिस्तानी एजेंटों का पता लगाना और दूसरे मिशन में उसने आईएस के चंगुल में फंसी भारतीय और पाकिस्तानी नर्सों को बचाया था। उसका तीसरा बड़ा मिशन शुरू हो, उससे पहले बीच में उसे एक और रॉ एजेंट पठान की मदद के लिए बाहर आना पड़ा। लेकिन, ये तीसरा मिशन बड़े परदे पर कब शुरू होगा, इसकी तारीख अब तक तय नहीं हो सकी है।