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Surya Grahan 2022: दीपावली और गोवर्धन पूजा के बीच लगेगा सूर्य ग्रहण, जानें सूतक काल का समय व सावधानियां

Mon, 03 Oct 2022 09:17 AM IST
शशि सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
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सूर्य ग्रहण - फोटो : istock
सूर्य और चंद्र ग्रहण लगना एक खगोलीय घटना होती है लेकिन इसके ज्योतिषीय प्रभाव भी माने गए हैं। इसलिए ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण से संबंधित सावधानियां, नियम, सूतक काल आदि का विस्तार से विवरण दिया जाता है। इस बार साल 2022 में दीपावली और गोवर्धन पूजा के बीच सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ये दोनों ही त्योहार सनातन धर्म में बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ऐसे में इन दोनों त्योहारों के बीच सूर्य ग्रहण लगना लोगों के मन में कई तरह के प्रश्न उत्पन्न करता है। तो चलिए जानते हैं कि कब से कब तक रहेगा सूतक काल और सावधानियों से लेकर नियम गोवर्धन पूजा समय आदि से जुड़े सभी सवालों के जवाब।


 

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सूर्य ग्रहण - फोटो : istock
कब से कब तक रहेगा सूर्य ग्रहण?
दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है लेकिन इस बार सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है। बता दें कि सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर की शाम को 4 बजकर 22 मिनट से आरंभ हो जाएगा वहीं इसका समापन शाम को 6 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा। हालांकि जिन स्थानों पर ग्रहण समाप्त होने से पहले ही सूर्य अस्त हो जाएगा वहां पर इसी के साथ सूर्य ग्रहण का समापन भी हो जाएगा।

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सूर्य ग्रहण - फोटो : istock
सूतक काल का समय क्या रहेगा?
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जब ग्रहण लगता है तो उसके 12 घंटे पहले से सूतक काल आरंभ हो जाता है। ऐसे में इस बार दीपावली व गोवर्धन पूजा के बीच लगने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक काल  25 अक्टूबर की सुबह 4 बजकर 22 मिनट से शुरू हो जाएगा।

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सूर्य ग्रहण - फोटो : istock
क्या भारत में सूर्य ग्रहण का प्रभाव रहेगा?
25 अक्टूबर को लगने जा रहा सूर्य ग्रहण भले ही भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा लेकिन ज्योतिष का मानना है यह समान रूप से प्रभावित करेगा। ऐसे में सूतक काल और ग्रहण के समय सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है।

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solar eclipse,सूर्य ग्रहण - फोटो : amar ujala
सूर्य ग्रहण में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
जब से सूतक काल आरंभ होता है तब से पूजा-पाठ से संबंधित कार्य नहीं किए जाते हैं। हालांकि ग्रहण के दौरान मंत्र जाप (बिना आवाज किए) और कीर्तन व ईश्वर का स्मरण शुभ माना जाता है। ग्रहण के दौरान मंदिर के कपाट बंद कर देने चाहिए। वहीं इस दौरान खाना-पीना और शयन करना वर्जित माना गया है। यदि आपके घर में भोजन बना हुआ है तो उसमें सूतक से पहले तुलसी के पत्ते डाल देना चाहिए।

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सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। - फोटो : istock
गर्भवती महिलाओं के लिए क्या सावधानियां बरतना आवश्यक है?
ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए। जो महिलाएं गर्भवती हैं, उन्हें ग्रहण के समय बाहर नहीं निकलना चाहिए और न ही सोना चाहिए। इस दौरान किसी भी प्रकार से काटने आदि का कार्य नहीं करना चाहिए। यानी सुई, अन्य नुकीली या धारदार चीजों का इस्तेमाल ना करें।

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ग्रहण के बाद करें नदी में स्नान - फोटो : अमर उजाला
सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें?
 ऐसा मान्यताएं कहती हैं कि ग्रहण के बाद शुद्धिकरण करना बेहद आवश्यक होता है। इसलिए सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर की साफ-सफाई के साथ ही अपने मंदिर की सफाई भी करें और घर के हर कोने में गंगाजल का छिड़काव करे। इसके अलावा स्वयं भी स्नानादि करना चाहिए। ग्रहण के बाद नदी में स्नान करना और दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
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