सिनेमा अगर आपके जीवन का हिस्सा बन चुका है तो इसकी परछाई आपके व्यवहार में भी शामिल होती दिख ही जाती है। सिनेमा का सबसे बड़ा सबक यही है कि अगर जीवन में सब कुछ ठीक नहीं हो पाया है तो कहानी भी अभी पूरी नहीं हो पाई है। संघर्ष जीवन का हिस्सा है। मेहनत कामयाबी की सर्वमान्य सीढ़ी है और किस्मत भी साथ उन्हीं का देती है, जो खुद पर भरोसा रखते हैं। ऐसे ही जीवन चक्र से गुजरती हैं आज के संडे बाइस्कोप की ये फिल्में। अगर बीते हफ्ते आप इन्हें पढ़ने से चूक गए तो एक बार फिर दबाइए रिवाइंड बटन और पढ़िए इन फिल्मों से जुड़े दिलचस्प किस्से।