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Soma Laishram: बैन पर मणिपुरी अभिनेत्री सोमा लैशराम का भड़का गुस्सा, कड़ी निंदा करते हुए जाहिर किए अपने विचार

Wed, 20 Sep 2023 05:16 PM IST
पलक शुक्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सोमा लैशराम - फोटो : social media
बीते काफी समय से मणिपुर हिंसा की आग में धधक रहा है। मई में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद से ही वहां के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। इन झगड़ों का असर वहां की मशहूर हस्तियों पर भी देखने को मिल रहा है क्योंकि इंफाल बेस्ड एक ऑर्गेनाइजेशन नामक संगठन ने मशहूर हस्तियों से अपील है कि वह किसी भी मनोरंजक कार्यक्रमों भाग न लें। लेकिन इस अपील को दरकिनार करते हुए मणिपुरी अभिनेत्री सोमा लैशराम ब्यूटी कॉन्टेस्ट शामिल हुई थीं, जिसके बाद उन पर तीन साल का बैन लगा दिया है। अब हाल ही में सोमा लैशराम ने इस पर रिएक्ट किया है...
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सोमा लैशराम - फोटो : सोशल मीडिया
मणिपुरी अभिनेत्री सोमा लैशराम पर हाल ही में एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने के बाद इंफाल स्थित एक संगठन द्वारा फिल्मों में अभिनय करने और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेने से बैन लगा दिया गया है। अब अभिनेत्री ने संगठन द्वारा उठाए गए इस कदम का कड़ा विरोध किया है और कहा है कि उन्होंने अपने राज्य के खिलाफ कुछ भी नहीं किया है। मणिपुर में जारी हिंसा के बीच दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के कारण उन पर यह बैन नागरिक समाज ग्रुप कांगलेईपाक कनबा लूप ने लगाया है।
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सोमा लैशराम - फोटो : सोशल मीडिया
सोमा लैशराम ने संगठन द्वारा लगाए गए बैन की कड़ी निंदा करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में वह बैन पर अपने विचार साझा करती नजर आ रही हैं। साझा किए गए वीडियो में सोमा लैशराम ने कहा कि इस घटना से हैरान और निराश हैं। अभिनेत्री बोलीं,'मैं इसका पुरजोर विरोध करती हूं। एक कलाकार और एक सामाजिक व्यक्ति के रूप में, मुझे जहां भी और जब भी जरूरत हो, बोलने का पूरा अधिकार है... मैंने अपने राज्य और अपनी मातृभूमि के खिलाफ कुछ भी नहीं किया है।'

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सोमा लैशराम - फोटो : सोशल मीडिया
100 से ज्यादा मणिपुरी फिल्मों में अपने अभिनय का जौहर दिखाने वाली सोमा लैशराम आगे बोलती हैं, 'जब मुझे शो स्टॉपर के रूप में नॉर्थईस्ट फेस्टिवल में मणिपुर का प्रतिनिधित्व करने के लिए बुलाया गया था, तो मैं केवल अपने राज्य का समर्थन करने और वहां मौजूद हजारों लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के इरादे से गई थी।' सोमा लैशराम के साथ ही उनपर लगे बैन की जनता और फिल्म संगठनो ने भी निंदा की है।
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सोमा लैशराम - फोटो : सोशल मीडिया
बता दें, 3 मई को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 175 से अधिक लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। यह हिंसा तब भड़की, जब बहुसंख्यक मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च आयोजित किया गया था।
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