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SITA : कंगना और कृति से पहले इन 10 नायिकाओं ने परदे पर धरा सीता का रूप, कसौटी अब भी दीपिका चिखलिया

Sun, 19 Sep 2021 01:36 PM IST
हर्षिता सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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इन नायिकाओं ने धरा सीता का रूप - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मुंबई फिल्म जगत में, जिसे कभी बीबीसी ने बॉलीवुड कहकर बुलाया था, इन दिनों ‘सीता संग्राम’ चल रहा है। हिंदी फिल्म जगत को बॉलीवुड नाम दरअसल इसकी उस आदत के लिए उपहास स्वरूप मिला, जिसमें इसकी तमाम फिल्में किसी विदेशी फिल्म की नकल मारकर बना दी जाती थीं। किसी एक ट्रेंड के हिट होने पर उसके पीछे लग जाने की हिंदी सिनेमा की पुरानी आदत रही है। जैसे इन दिनों हिंदी सिनेमा में हर तरफ निर्माता रॉ एजेंटों की कहानियां तलाशने में लगे हैं और साथ ही तमाम निर्माता निर्देशकों के दफ्तरों में रामायण को रचने के लिए भी टीमें दिन रात काम कर रही हैं। छोटे परदे के लिए ‘सिया के राम’ जैसा चर्चित धारावाहिक लिख चुके मशहूर लेखक आनंद नीलकंठन का मानना है, ‘टेलीविजन में औसत का नियम चलता है। इसमें आपको आम जनता के लिए लिखना होता है। किताबें पढ़ने वाले भिन्न भिन्न तरह के विचार समझ सकते हैं। टेलीविजन में आप अपेक्षित कथाओं से अलग नहीं जा सकते, खासतौर से जब आप पौराणिक कथाएं लिख रहे हों।’ लेकिन सीता की पौराणिक गाथा को नए नए स्वरूपों में लाने की इन दिनों खूब कोशिशें हो रही हैं। ‘तानाजी’ के निर्देशक ओम राउत की कहानी ‘आदिपुरुष’ में कृति सैनन सीता बनी हैं तो कंगना रणौत ने भी हाल ही में सीता बनने का एलान किया है। दीपिका पादुकोण को लेकर भी एक रामायण बनने की चर्चा लंबे समय से चलती रही है। चलिए आपको ले चलते हैं ऐसी ही कुछ और गाथाओं की तरफ और दिखाते हैं अब तक परदे पर आ चुकी सीताओं की झलकियां।

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ऐश्वर्य ओझा - फोटो : सोशल मीडिया

ऐश्वर्य ओझा: रामयुग (2021)

वेब सीरीज ‘रामयुग’ के में सीता बनीं ऐश्वर्य ओझा में सौम्यता का आकर्षण नहीं दिखा। देव चरित्र निभाने वाला आभा मंडल भी उनके मुख पर नहीं नजर आया। अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया ही देश में रामकथाओं में राम और सीता बनने की कसौटी रहे हैं। इन दोनों से इक्कीस होना तो अब कठिन दिखता है लेकिन इस सीरीज में ऐश्वर्य सीता के रूप में दहाई के अंकों तक पहुंचने की कोशिश भी नहीं करती दिखीं। सीरीज देखकर ऐसा लगाकि सीता बनीं ऐश्वर्य को भी अभिनय के रसों की बारीकियां सीखनी जरूरी हैं। अशोक वाटिका वाले दृश्यों में उनके अभिनय की असली परीक्षा होती है और यहां वह अपना असर छोड़ नहीं पाती हैं।

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शिव्या पठानिया - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

शिव्या पठानिया: राम सिया के लव कुश (2019) 

धारावाहिक 'राम सिया के लव कुश' ने दर्शकों में काफी उत्सुकता जगाई थी। लेकिन, कलर्स चैनल का हाल ही इन दिनों बेहाल है। चैनल की मार्केटिंग टीम अपने में मगन रहती है। पीआऱ टीम सिर्फ व्हाट्सऐप ग्रुप में पत्रकारों को ‘निर्देश’ जारी करके मस्त रहती है। इस धारावाहिक की लॉन्चिंग के लिए देश भर के मीडिया का अयोध्या में तांता लगाया गया और बहुत ही कष्टदायक तरीके से लोगों को वहां तक ले जाया गया। सीरियल की बोहनी खराब हुई औऱ सीरियल की कहानी व निर्माण जानदार होते हुए भी सीरियल को सराहना नहीं मिल सकी। इस धारावाहिक में शिव्या पठानिया ने माता सीता की भूमिका निभाई जबकि भगवान श्री राम के अवतार में नजर आए हिमांशु सोनी। यह धारावाहिक श्री राम के दो पुत्रों लव और कुश को केंद्र में रखकर बनाया गया। यहां माता सीता के किरदार में अभिनेत्री शिव्या ने बहुत बढ़िया काम किया। 

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मदिराक्षी मुंडले - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

मदिराक्षी मुंडले: सिया के राम (2015)

वर्ष 2015 में पहली बार एक धारावाहिक 'सिया के राम' को माता सीता को केंद्र में रखकर बनाया गया। यहां माता सीता के किरदार में नजर आईं अभिनेत्री मदिराक्षी मुंडले और भगवान श्री राम का किरदार निभाया अभिनेता आशीष शर्मा ने। समीक्षकों ने इस धारावाहिक की बखिया उधेड़ कर रख दी। शूटिंग पर मौजूद लोग बताते हैं कि मदिराक्षी को अपने संवाद ही ठीक से याद नहीं होते थे। मदिराक्षी को इस शो में जमकर ट्रोल किया गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब रावण माता सीता का अपहरण करता है तब भी इस धारावाहिक में अभिनेत्री के मुख पर मुस्कुराहट रही। मदिराक्षी इस सेटबैक से अब तक नहीं उबर पाई हैं और उनका करियर करीब करीब हाशिये पर पहुंच चुका है।

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नेहा सरगम - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

 

नेहा सरगम: रामायण- सबके जीवन का आधार (2012) 

सागर पिक्चर्स के बैनर तले वर्ष 2012 में एक और रामायण का निर्माण किया गया जिसका शीर्षक रहा 'रामायण- सबके जीवन का आधार'। यहां माता सीता का किरदार निभाते हुए नजर आईं टीवी की मशहूर अभिनेत्री नेहा सरगम। नेहा ने टीवी के दूसरे धारावाहिकों जैसे; 'चांद छुपा बादल में', 'पुनर्विवाह', 'इस प्यार को क्या नाम दूं?... एक बार फिर' में भी अच्छा काम किया है लेकिन माता सीता के किरदार में उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं किया गया। यही कारण रहा कि यह धारावाहिक बहुत लंबा न चल सका।

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नयनतारा - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

नयनतारा: श्री राम राज्यम (2011) 

तेलुगू भाषा की एक फिल्म 'श्री राम राज्यम' बापू ने वर्ष 2011 में बनाई जिसमें उन्होंने माता सीता का किरदार निभाने के लिए दक्षिण भारत की सुपरस्टार अभिनेत्री नयनतारा को लिया। हिंदी में अगर दीपिका चिखलिया को सबसे अच्छी सीता माना जाता है तो दक्षिण भारतीय भाषाओं में सीता का अभिनय करने वाले कलाकारों में नयनतारा नंबर वन रहीं। वह इस किरदार में बहुत बेहतरीन दिखीं। उन्होंने अपने संवादों का अच्छा इस्तेमाल किया। साथ ही निर्माताओं ने फिल्म के विजुअल का भी खास ख्याल रखा। माता सीता की शालीनता और सज्जता नयनतारा ने अपने हाव भाव से बखूबी दिखाई।

 

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देबीना बनर्जी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

देबीना बनर्जी: रामायण (2008) 

रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर ने भी वर्ष 2008 में एक रामायण का निर्माण किया जिसमें श्री राम का किरदार निभाया अभिनेता गुरमीत चौधरी ने और माता सीता के किरदार में नजर आईं अभिनेत्री देबीना बनर्जी। इस धारावाहिक को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया। धारावाहिक में काम करते दोनों कलाकारों को एक दूसरे से प्रेम हुआ और 2011 में इन दोनों ने शादी भी कर ली। आनंद सागर ने रामानंद सागर के धारावाहिक 'रामायण' के संवादों को लगभग वैसे का वैसा ही इस्तेमाल कर लिया। हालांकि, गीतों को बनाया गया बोलचाल की हिंदी में। निर्माताओं ने कलाकारों की वेशभूषा फिर भी ठीक से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने माता सीता के लिए भी वैसे ही आभूषण इस्तेमाल किए जैसे कि महारानी कैकेयी और कौशल्या के लिए। इन सब बातों को लेकर इस धारावाहिक की खूब आलोचना भी हुई।

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नम्रता थापा - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

नम्रता थापा: रावण (2006) 

भगवान श्री राम की देशभर में पूजा होती है लेकिन कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां रावण को भी सही माना जाता है। वर्ष 2006 में एक धारावाहिक 'रावण' बनाया गया जिसमें लंकापति रावण को ही केंद्र में रखा गया। इस धारावाहिक में रावण का किरदार निभाया है नरेंद्र झा ने और श्री राम के किरदार में नजर आए अभिनेता दिवाकर पुंडीर। माता सीता का किरदार निभाने के लिए धारावाहिक के निर्देशक रंजन सिंह ने अभिनेत्री नम्रता थापा को चुना। शो में दिखाया गया कि आखिर रावण किस मनोदशा का प्राणी था और उसने किस तरह सब कुछ पाने के बाद अपनी अवनति को चुना।

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स्मृति ईरानी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

स्मृति ईरानी: रामायण (2002) 

जब रामानंद सागर के धारावाहिक 'रामायण' को दर्शकों ने बहुत पसंद किया तो बीआर चोपड़ा और रवि चोपड़ा ने मिलकर भी एक धारावाहिक 'रामायण' का निर्माण किया जिसमें श्री राम बने नीतिश भारद्वाज और माता सीता बनीं अभिनेत्री और राजनेता स्मृति ईरानी। बीआर चोपड़ा की कोशिश तो यही थी कि उनके भी धारावाहिक को रामानंद सागर के धारावाहिक 'रामायण' जैसा ही नाम मिले। उन्हें इतना नाम तो नहीं मिल पाया लेकिन दर्शकों ने उनके भी धारावाहिक को पसंद किया। साथ ही पसंद किया उन कलाकारों को जिन्होंने शो में किरदार निभाए। स्मृति उस समय 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' जैसे धारावाहिक से प्रसिद्धि पा रही थीं। उसी धारावाहिक से उन्हें एक संस्कारी बहू के रूप में जाना जाने लगा।

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शिल्पा मुखर्जी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

शिल्पा मुखर्जी: जय हनुमान (1997) 

फिल्मों के मशहूर अभिनेता संजय खान ने जब टीवी की दुनिया में कदम रखा तो उन्होंने वर्ष 1997 में एक धारावाहिक 'जय हनुमान' का निर्देशन किया। यह धारावाहिक वर्ष 2000 तक चला। धारावाहिक पूरी तरह से भगवान श्री राम के परम भक्त हनुमान पर आधारित रहा। इस धारावाहिक में माता सीता का किरदार निभाया अभिनेत्री शिल्पा मुखर्जी ने। शिल्पा बहुत ज्यादा समय तक अभिनय की दुनिया का हिस्सा नहीं रहीं। अब तो वह पूरी तरह यह दुनिया छोड़कर एक पेशेवर फ्रीलांस फोटोग्राफर बन गई हैं।

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स्मिता माधव - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

स्मिता माधव: बाल रामायणम (1996) 

वर्ष 1996 में तेलुगू भाषा की फिल्म 'बाल रामायणम' बनाई गई जिसमें माता सीता का किरदार निभाया अभिनेत्री स्मिता माधव ने। बाल कलाकारों की अब तक की यह सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है जिसमें सारे कलाकार बच्चे ही रहे। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। फिल्म में जूनियर एनटीआर ने भगवान श्री राम का किरदार निभाया। माता सीता को और भी बेहतर किया जा सकता था अगर उन्हें पर्दे पर थोड़ा और समय मिलता। स्मिता माधव उस समय 10 वर्ष की थीं जब उन्होंने यह किरदार निभाया। आजकल तो वह एक शास्त्रीय नर्तकी और गायिका हैं।

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दीपिका चिखलिया - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

दीपिका चिखलिया: रामायण (1987) 

रामानंद सागर के निर्देशन में बना धारावाहिक 'रामायण' भगवान श्री राम की जीवन यात्रा पर बने सभी धारावाहिकों और फिल्मों में सबसे ज्यादा पसंद किया गया। जब यह धारावाहिक लॉकडाउन के दौरान टीवी पर प्रसारित हुआ तो इसने सालों पुराने टीआरपी के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इस धारावाहिक में माता सीता का किरदार निभाया अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने। माता सीता के किरदार में दीपिका को इतना पसंद किया गया है कि लोग उनकी पूजा ही करने लगे। धारावाहिक में दीपिका बिना आभूषणों के भी बहुत खूबसूरत लगीं। जब वह गौरी पूजा के लिए तैयार होती हैं तब उनका रूप देखते ही बनता है। निर्माताओं ने उनका चुनाव भी बहुत सोच समझ कर किया। कहा जाता है कि माता सीता की लंबाई भगवान श्री राम के हृदय तक ही पहुंचती थी। क्योंकि, उनका निवास भी वहीं था। श्री राम के रूप में अरुण गोविल और माता सीता के रूप में दीपिका को देखकर भी वैसा ही प्रतीत होता है।

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