सत्यकाम आनंद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आपके अभिनय सफर की शुरुआत कैसे हुई और कहां से हुई?
मैं आरा, बिहार का रहने वाला हूं। मेरे पिता शिव कुमार सहाय अध्यापक हैं। 12वी में मेरे अंक कम आए, इसलिए कॉलेज में दाखिला नहीं मिल रहा था। पिताजी ने ही मुझे थियेटर करने का सुझाव दिया ताकि थियेटर कोटे से कॉलेज में दाखिला हो जाए। लेकिन, जो बात पिताजी ने मेरी पढ़ाई जारी करने के लिए बताई, वह मेरा जीवन बनने लगी तो पिताजी ने कहा, नाटक नौटंकी छोड़ो और पढ़ाई पर ध्यान दो और इंजीनियर बनो। लेकिन, मुझे तो थियेटर से प्यार हो चुका था।