"गब्बर से कह देना कि रामगढ़वालों ने पागल कुत्तों के सामने रोटी डालना बंद कर दिया है…!" ऐसे ही कुछ दमदार और यादगार डायलॉग्स ने दर्शकों की खूब तालियां और सीटियां बटोरीं। हम बात कर रहे हैं बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता संजीव कुमार के बारे में। हरिहर जेठालाल जरीवाला नाम से पैदा हुए संजीव कुमार ने अपने पूरे फिल्मी सफर में दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उन्होंने हिंदी सिनेमा को अर्जुन पंडित, शोले, आंधी, त्रिशूल, दस्तक जैसी और भी कई फिल्मों के रूप में नायाब तोहफे दिए। रोमांस हो, ड्रामा हो या कॉमेडी हो, कुमार अपने आप को किरदार में ढालना बखूबी जानते थे। अपने बाकमाल अभिनय के दम पर उन्होंने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते। 'अंगूर' फिल्म में उनका डबल रोल, हिंदी सिनेमा में अब तक के 25 बेस्ट एक्टिंग परफॉर्मेंस में से एक है। आइए, आज हम आपको संजीव कुमार के कुछ यादगार किरदारों के बारे में बताते हैं, जो लोगों के जेहन में उनके जाने के बाद भी जिंदा हैं।