कभी गौर किया है आपने कि अमिताभ बच्चन किसी फिल्म में किसी मुस्लिम शख्स के किरदार में नजर आते हैं तो लोगों की दिलचस्पी फिल्म में एकदम से बढ़ जाती है। साल 1973 में रिलीज हुई फिल्म ‘सौदागर’ से गिनना शुरू करें और इस साल रिलीज हुई फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’ तक आएं तो अमिताभ बच्चन कम से कम एक दर्जन फिल्मों में ऐसे किरदार कर चुके हैं। वह कभी मोती बने, कभी अहमद रजा, कभी सिकंदर तो कभी जां निसार अख्तर खां। कभी इकबाल खान तो कभी जफर अली रिजवान, कभी बादशाह खान तो कभी बड़े मियां। लोगों ने उनके इन अंदाज से खूब मोहब्बत की। लेकिन, बदलते वक्त के साथ बड़े परदे पर खुदाबख्श आजाद को लोगों ने पसंद नहीं किया और चुन्नन नवाब को मोबाइल के परदे पर। वैसे अमिताभ बच्चन को अपनी पहली फिल्म में ही जो किरदार मिला था, उसका नाम था, अनवर अली। ये फिल्म थी ख्वाजा अहमद अब्बास की बनाई हुई फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’। अमिताभ बच्चन की बतौर अभिनेता बोहनी इसी फिल्म से मानी जाती है। लेकिन, ये फिल्म 7 नवंबर को रिलीज नहीं हुई। इसके बावजूद आज मैं इसी फिल्म का बाइस्कोप लिखने जा रहा हूं तो इसकी वजह है अमिताभ बच्चन का ट्वीट जो दावा करता है कि ये फिल्म 7 नवंबर को रिलीज हुई।