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रोशन सेठ: मशहूर ब्रिटिश लेखक भी थे ‘भारत एक खोज’ के पंडित नेहरू, हॉलीवुड करियर छोड़ पत्रकारिता करने आ गए थे इंडिया

Fri, 28 May 2021 08:03 PM IST
अमरीन हुसैन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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रोशन सेठ - फोटो : Social media

आमतौर पर देखा गया है कि बॉलीवुड में अपनी कामयाबी का परचम लहराने के बाद एक्टर्स हॉलीवुड में भी अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं। ऐसा करने में कई कलाकार सफल भी हुए हैं। ऐसे ही कलाकार हैं रोशन सेठ। रोशन सेठ एक ब्रिटिश- इंडियन अभिनेता, लेखक और स्टेज निर्देशक रहे हैं। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम, यूनाइटेड स्टेट्स और भारत में काम किया है।

अभिनय छोड़ पत्रकार बनने चले आए थे भारत
रोशन सेठ ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 1960 में यूके में की थी, लेकिन वो एक्टिंग छोड़कर एक पत्रकार के तौर पर काम करने के लिए भारत आ गए। 1980 में उन्होंने अपना कमबैक किया। वो ऑस्कर अवॉर्ड विनिंग फिल्म 'गांधी' में भी नजर आए। इस फिल्म में वो जवाहरलाल नेहरू के किरदार में थे। उनके काम को काफी पसंद किया गया। वो बेस्ट सपोर्टिंग रोल के लिए बाफ्टा अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट भी हुए।

पटना में हुआ था जन्म
बता दें कि अभिनेता रोशन सेठ का जन्म 2 अप्रैल 1942 को पटना में हुआ था। उनके पिता हिन्दू थे तो वहीं, मां मुस्लिम एंग्लो इंडियन थीं। उनके पिता पटना मेडिकल कॉलेज में बायोकेमिस्ट्री के प्रोफेसर थे।

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'गांधी' फिल्म में पंडित नेहरू के किरदार में रोशन - फोटो : Social media
रोशन सेठ ने दून स्कूल से अपनी पढ़ाई की। इसके बाद सेंट स्टीफन कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई मुकम्मल की। मौका मिलते ही उन्होंने लंदन एकेडमी ऑफ म्यूजिक एंड ड्रामेटिक आर्ट में ट्रेनिंग ली और ब्रिटिश टेलीविजन व थिएटर में काम करना शुरू कर दिया। रोशन सेठ ने ब्रिटिश लेखिका पेपिता से शादी की थी।
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'भारत एक खोज' में रोशन सेठ - फोटो : Social media
रोशन को इंडियन टीवी शो 'भारत एक खोज' में काम कर काफी लोकप्रियता हासिल हुई थी। इसमें भी वो जवाहरलाल नेहरू के किरदार में नजर आए थे। इस शो में उनका लीड किरदार था। इसके अलावा वो सलमान खान की फिल्म 'एक था टाइगर' में नजर आए। वहीं, उन्होंने 'मानसून वेडिंग' और 'गुरु' में भी काम किया।

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रोशन सेठ - फोटो : Social media
रोशन ने 60 के दशक में अभिनय की शुरुआत की थी, और जल्द ही 70 के दशक में उन्होंने अभिनय से किनारा कर लिया। इसके बाद वो पत्रकारिता करने भारत चले आये। इसके पीछे की वजह ये रही कि वो 1972 के आसपास फीचर फिल्मों में काम करने लगे थे। इसके बाद फिल्म निर्देशक रोशन को केवल एक ही भूमिका के लिए चाहते थे। इससे रोशन का अभिनय करियर डगमगा गया था।
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रोशन सेठ - फोटो : Social media
'गांधी' फिल्म करने के बाद रोशन की मांग बढ़ गई। इस पिक्चर के बाद उनका करियर चमक उठा था। 1984 में रोशन सेठ ने कई प्रमुख फिल्मों में अभिनय किया। इनमें 'इंडियाना जोंस एंड द टेम्पल ऑफ डूम (Indiana Jones and the Temple of Doom)', डेविड लीन (David Lean) की ‘ए पैसेज टू इंडिया (A passage to India)', ‘माय ब्यूटीफुल लॉन्ड्रेट (My Beautiful Laundrette)’ और 'लिटिल डोरिट (Little Dorrit)' थी।
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रोशन सेठ - फोटो : Social media
1993 में रोशन ने टेलीविजन की मिनी सीरीज में 'द बुद्धा ऑफ सबर्बिया (The Buddha of Suburbia)' में हारून आमिर की भूमिका निभाई थी। इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ पुरुष अभिनेता के रॉयल टेलीविजन सोसाइटी पुरस्कार से नवाजा गया था। इसके बाद 1995 में उन्होंने 'फ्लाइट' में बाबा की भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता।
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