रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट
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दरअसल ये कहानी एक इसरो के वैज्ञानिक नाम्बी नारायण की है, जो भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिक थे। उन्हें देश से गद्दारी करने के झूठे आरोपों में फंसाया गया था। 26 साल की लंबी लड़ाई के बाद साल 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने उनको बेगुनाह बताया था। 80 साल के नम्बी नारायण कोर्ट के फैसले से तो खुश हुए, लेकिन उनका कहना था कि जिन अधिकारियों ने गुमराह कर उन्हें झूठे मामले मे फंसाया था, जब तक उन्हें सजा नहीं मिल जाती तब तक उनको संतुष्टि नहीं मिलेगी।