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Bollywood Movie: राजनीति पर बनी हैं ये फिल्में, बड़े पर्दे पर दिखा शह और मात का खेल

Fri, 14 May 2021 09:28 AM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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राजनीति पर बॉलीवुड में बनी हैं ये फिल्में - फोटो : सोशल मीडिया
वैसे तो बॉलीवुड में लगभग हर विषय को लेकर फिल्में बनती आ रही हैं। राजनीति भी अछूता नहीं है। राजनीति पर समय समय में तमाम फिल्में बनी रहती हैं। इनमें से कुछ फिल्में सुपरहिट रही हैं तो कुछ को बॉक्स-ऑफिस पर मुंह की खानी पड़ी है। राजनीति पर बनी बहुत सी फिल्में ऐसी भी रही हैं जिन्होंने बॉलीवुड सिनेमा में एक अलग ही छाप छोड़ी है। आइए जानते हैं बॉलीवुड की ऐसी ही फिल्मों के बारे में।
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नायक - फोटो : सोशल मीडिया
नायक
अनिल कपूर की फिल्म ‘नायक: द रियल हीरो’ आप नहीं भूले होंगे। 2001 में रिलीज हुई यह फिल्म एक आम आदमी के राजनीति में आने की कहानी है। फिल्म में एक साधारण इंसान (पत्रकार) को एक दिन के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का मौका दिया जाता है। फिर उसके बाद शुरू होती है प्रशासनिक प्रणाली को सुधारने और भ्रष्टाचार को खत्म करने की रोमांचक कहानी। 
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राजनीति - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
राजनीति
प्रकाश झा की फिल्म राजनीति वास्तविक जीवन में राजनीति के उतार चढ़ाव की कहानी थी। फिल्म के कुछ पन्ने आज के नेताओं की निजी जिंदगी से लिए गए थे। फिल्म में कटरीना कैफ एक प्रशिक्षित राजनेता के रूप में थीं। फिल्म के बनने के वक्त ही यह बात जोर शोर से फैलाई गई थी कि उनका किरदार सोनिया गांधी से मेल खाता है।

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सत्याग्रह - फोटो : Instagram
सत्याग्रह
अन्ना आंदोलन और उससे उपजे कई सवाल इस फिल्म की पृष्ठभूमि में हैं। प्रकाश झा ने फिल्म के जरिए संदेश देने की कोशिश की कि भ्रष्ट और लगभग सड़ चुकी व्यवस्था के खिलाफ अब जनता को अपने गुस्से का इजहार सिर्फ आपसी बहसों से नहीं, बल्कि सड़क पर उतर कर करना होगा।
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यंगिस्तान - फोटो : Twitter
यंगिस्तान
हिंदुस्तान में बसता है एक यंगिस्तान। ये यंगिस्तान इस देश की तकदीर बदलने का माद्दा रखता है। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ही इस फिल्म की कहानी गढ़ी गई। इस फिल्म में एक युवा राजनेता चुनाव लड़ता है। इसमें दिखाया गया है कि वह किस तरह युवाओं की सोच को बदलना चाहता है और किस तरह वह लोगों को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करता है, इसी के इर्द-गिर्द कहानी घूमती है। वैसे  यह फिल्म राजनीति के रंग में रंगी एक प्रेम कहानी है।  
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द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर
द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर
2019 में रिलीज हुई राजनीति पर आधारित फिल्मों की बात करें तो द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ताजा उदाहरण है। ये फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के राजनीतिक जीवन पर आधारित है। संजय बारू की किताब पर आधारित इस फिल्म को लेकर काफी विवाद देखने को मिला था। अनुपम खेर ने इस फिल्म में मनमोहन सिंह का किरदार निभाया था। फिल्म में उनकी एक्टिंग को तो पसंद किया गया, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। ये फिल्म फ्लॉप रही।
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ठाकरे - फोटो : सोशल मीडिया
ठाकरे 
अभिजीत पानसे के निर्देशन में बनी मूवी ठाकरे में नवाजुद्दीन लीड रोल में हैं। अमृता सिंह ने मीना ठाकरे का रोल निभाया है। फिल्म में शिवसेना संस्थापक की जिंदगी से जुड़े अहम पहलुओं को दिखाया गया है। इसे ठीक ठाक व्यवसाय भी किया था।

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'न्यूटन' फिल्म का पोस्टर
न्यूटन
साल 2017 में रिलीज हुई राजकुमार राव स्टारर यह फिल्म खूब चर्चा में रही। फिल्म एक ऐसे बूथ ऑफिसर के बारे में थी जो अपनी जिम्मेदारियों को भली भांति समझता है और किसी भी हाल में निष्पक्ष मतदान कराना चाहता है। हालांकि ये फिल्म राजनीतिक नहीं है। फिल्म की कहानी मतदान पर केंद्रित है।


 

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गुलाल - फोटो : social media
गुलाल
यह फिल्म साल 2009 में आई थी। यह छात्र राजनीति पर बनी फिल्म है। इस फिल्म का निर्देशन अनुराग कश्यप ने किया था। फिल्म में राज सिंह चौधरी, केके मेनन और दीपक डोबरियाल जैसे कई कलाकार मुख्य भूमिका में हैं। 

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फिराक  - फोटो : सोशल मीडिया
फिराक 
इस फिल्म का निर्देशन नंदिता दास ने किया है। इस फिल्म की कहानी 2002 के गुजरात दंगों के एक महीने बाद की है। इसमें दिखाया गया है कि अच्छे, बुरे हर तरह के लोग हैं और उनकी लाइफ में क्या फर्क पड़ा है। नसीरुद्दीन शाह, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, रघुवीर यादव, शहाना गोस्वामी, दीप्ति नवल, परेश रावल, दिलीप जोशी ने इसमें मुख्य भूमिका में हैं। हालांकि, गुजरात में ये फिल्म रिलीज नहीं हुई थी।


 
 

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सरकार - फोटो : Social Media
सरकार
इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे राजनीतिक दल और नेता सत्ता की कुर्सी पर स्थापित होने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इसे रामगोपाल वर्मा ने निर्दशित किया। फिल्म 'सरकार' 1972 में बनी अंग्रेजी फिल्म 'द गॉडफादर' पर आधारित थी। फिल्म में अमिताभ ने सुभाष नागले का किरदार निभाया था। ये किरदार शिवसेना सुप्रीमो बाला साहब ठाकरे से प्रभावित था। फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा अभिषेक बच्चन, केके मेनन, कटरीना कैफ, इशरत अली, अनुपम खेर, सुप्रिया पाठक और तनीषा मुखर्जी भी मुख्य किरदार में नजर आए थे। इसके बाद इस फिल्म के दो पार्ट 'सरकार राज' और 'सरकार 3' भी आए थे। तीनों ही फिल्मों में अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में रहे।


 

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हजारों ख्वाहिशें ऐसी - फोटो : social media
हजारों ख्वाहिशें ऐसी 
के के मेनन, चित्रांगदा सिंह और शाइनी आहूजा स्टारर इस फिल्म को सुधीर मिश्रा ने डायरेक्ट किया था। हजारों ख्वाहिशें ऐसी का बैकग्राउंड भी देश में लगी इमर्जेंसी है। फिल्म तीन युवाओं की कहानी पर आधारित है जिनकी जिंदगी राजानीतिक और सामाजिक बदलावों के बीच घिरी है। 

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हु तू तू - फोटो : सोशल मीडिया
हु तू तू
साल 1999 में रिलीज हुई फिल्म 'हु तू तू' गुलजार द्वारा निर्देशित की गई आखिरी फिल्म थी। इस फिल्म में सुनील शेट्टी और तबु ने अहम भूमिका निभाई थी। इसमें राजनीतिक भ्रष्टाचार और एक राजनेता के परिवार पर इसके बुरे प्रभावों को दिखाया गया था। किडनैपिंग, भ्रष्टाचार और आम आदमी के संघर्ष को दिखाय गया था।


 

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शशि कपूर
न्यू देहली टाइम्स
शशि कपूर अभिनीत 1986 में आई 'न्यू देहली टाइम्स’ में शर्मिला टैगोर, ओम पुरी और कुलभूषण खरबंदा जैसे कलाकार भी थे। शशि कपूर को इस फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला था। बतौर निर्देशक यह शर्मा की पहली फिल्म थी, जिसके लिए उन्हें इंदिरा गांधी पुरस्कार मिला था। गुलजार इस फिल्म के लेखक थे। पॉलिटिकल थ्रीलर फिल्म में मीडिया मालिकों और नेताओं के गठजोड़ को दिखाया गया था।

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किस्सा कुर्सी का - फोटो : social media
'किस्सा कुर्सी का'
शबाना आजमी स्टारर 'किस्सा कुर्सी का' आपातकाल की परिस्थितियों को कॉमेडी के रूप में दिखाती हुई फिल्म है। फिल्म जनता पार्टी सांसद अमृत नाहटा ने बनाई थी। लेकिन आपातकाल के दौरान अमृत नाहटा की फिल्म ‘किस्सा कुर्सी का’ रिलीज होने से रोक दी गई। उसके सारे प्रिंट भी नष्ट कर दिए गए। 1978 में इसे दोबारा बनाया गया लेकिन संजय गांधी को जेल पहुँचाने वाली फिल्म जब रिलीज हुई तो कब आई और कब गई किसी को पता भी नहीं चला।

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'इंदु सरकार'
इंदु सरकार
इमरजेंसी की पृष्ठभूमि पर बनी मधुर भंडारकर की फिल्म 'इंदु सरकार' रिलीज के समय से ही विवादों में रही। मधुर भंडारकर ने फिल्म 'इंदु सरकार' को इमरजेंसी के गुमनाम हीरो को समर्पित की थी। फिल्म में 1975 से 1977 तक 19 महीने में देश की स्थिति को दिखाया गया है। मधुर भंडारकर निर्देशित 'इंदु सरकार' में कीर्ति कुल्हाड़ी, नील नितिन मुकेश, अनुपम खेर अहम भूमिका में है।

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युवा - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
युवा
अजय देवगन, अभिषेक बच्चन, करीना कपूर, ईशा देओल और विवेक ओबेरॉय स्टारर यह फिल्म युवा राजनीति की अनूठी कहानी सुनाती है। फिल्म साल 2004 में रिलीज हुई थी और इसका निर्देशन मणि रत्नम ने किया था।



 

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आंधी - फोटो : फाइल फोटो
आंधी
गुलजार के निर्देशन में बनी आंधी साल 1975 में रिलीज हुई थी। इसमें सुचित्रा सेन और संजीव कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म की कहानी एक मशहूर नेता की बेटी के इर्द गिर्द थी जो एक होटल मैनेजर से प्यार कर बैठती है। राजनीति में जाने के बाद महिला को अपनी शादीशुदा जिंदगी छोड़नी पड़ती है। फिल्म की कहानी को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जिंदगी पर आधारित बताया गया जिसे लेकर काफी विवाद हुआ और फिल्म को बैन करने की मांग होने लगी थी। फिल्म के कुछ सीन को दोबारा शूट किया गया और फिर इसे रिलीज किया गया।

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पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : file photo
पीएम नरेंद्र मोदी
फिल्म की कहानी में पीएम मोदी के चाय बेचने से लेकर प्रधानमंत्री बने तक के सफर को दिखाया गया है। विवेक ओबेरॉय ने इसमें नरेंद्र मोदी की भूमिका निभाई। इसका निर्देशन ओमंग कुमार ने किया था। फिल्म के रिलीज से पहले काफी विवाद हुआ था। असल में पहले मेकर्स ने योजना बनाई थी कि इसे 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले रिलीज किया जाए लेकिन बाद में इस पर रोक लगा दी गई और चुनाव खत्म होने के बाद यह पर्दे पर आई।
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गरम हवा - फोटो : सोशल मीडिया
गरम हवा
यह फिल्म देश के बंटवारे और उससे जुड़ी कहानियों को बारीकी और बेहतरीन तरीके से दिखाती है। 'गरम हवा' फिल्म सलीम मिर्जा की जिंदगी और उसके इर्द-गिर्द की घटनाओं पर आधारित है। इस फिल्म में बलराज ने एक ऐसे परिवार के मुखिया का किरदार निभाया है, जो देश के बंटवारे के वक्त भारत में ही रह गया था। वह लंबे समय तक इसी कश्मकश में पड़ा रहता है कि उसे अपने बाकी के रिश्तेदारों की तरह पाकिस्तान चले जाना चाहिए, या फिर यहीं रह जाना चाहिए।
 
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