फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajesh Khanna: दमदार अभिनय से बुलंदियों पर जा पहुंचे राजेश खन्ना, जानिए कैसे बने बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार

Tue, 18 Jul 2023 09:04 AM IST
प्रियंका नेगी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
राजेश खन्ना - फोटो : अमर उजाला
हिंदी सिनेमा के बेहतरीन सितारे राजेश खन्ना ने अपनी फिल्मों और अंदाज से लोगों को दिलों पर राज किया। फिल्म आखिरी खत से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राजेश ने कई हिट फिल्में दी हैं। बॉलीवुड में ‘काका’ के नाम से मशहूर राजेश खन्ना को हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाता है। आज ही के दिन राजेश खन्ना ने दुनिया को अलविदा कहा था। आज उन्हें इस दुनिया से गए 11 साल हो गए हैं। भले ही वह आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन फिल्मों के जरिए वह हमेशा हमारे बीच जीवित रहेंगे। आज राजेश खन्ना की पुण्यतिथि के मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें। तो चलिए शुरू करते हैं....
विज्ञापन

2 of 5
राजेश खन्ना - फोटो : सोशल मीडिया
राजेश खन्ना का जन्म 29 दिसंबर 1942 को अमृतसर में हुआ। राजेश खन्ना का इंडस्ट्री में अलग कद रहा है। उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट फिल्मों में काम किया है। दिलचस्प बात यह है कि बॉलीवुड में 17 ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले वह पहले सुपरस्टार थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक राजेश खन्ना ने 1969 से 1971 के बीच लगातार 17 ब्लॉकबस्टर फिल्में दी, जिसके बाद वे हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहलाए।
विज्ञापन

3 of 5
राजेश खन्ना - फोटो : सोशल मीडिया
अगर राजेश खन्ना के स्टारडम की बात करें तो शक्ति सामंत की आराधना (1969) से उनके स्टारडम की शुरुआत हुई। उन्होंने लगातार 17 ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। 'आराधना' को फिल्मफेयर बेस्ट फिल्म का पुरस्कार मिला। राज खोसला की 'दो रास्ते' (1969) ने भी उनका ध्यान खींचा। इसके बाद राजेश खन्ना ने मुड़कर नहीं देखा। एक के बाद एक हिट फिल्में दी।

यह भी पढ़ें: 'आपके पास कोई और काम नहीं है', बस्सी के खिलाफ याचिका लेकर आए वकील को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

4 of 5
राजेश खन्ना - फोटो : सोशल मीडिया
राजेश खन्ना ने अपने दौर में ऐसा स्टारडम देखा है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। चेतन आनंद की फिल्म ‘आखिरी खत’ (1966) से डेब्यू करने वाले राजेश खन्ना को एक वक्त बॉक्स ऑफिस का सबसे भरोसेमंद कलाकार माना जाता था। ‘आखिरी खत’ 40वें अकादमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा की फिल्म थी, जो भारत में बनाई गयी थी। इसके बाद 'राज' (1967), 'औरत' (1967) , 'बहारों के सपने' (1967),  'इत्तेफाक' (1969) और 'डोली' (1970) में काका ने अभिनय किया।

यह भी पढ़ें: शोएब इब्राहिम के टीवी शो 'अजूनी' के सेट पर घुसा तेंदुआ, कास्ट की मौजूदगी में कुत्ते पर हुआ हमला
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
राजेश खन्ना - फोटो : सोशल मीडिया
मनमोहन देसाई की 'सच्चा झूठा' (1970) में राजेश खन्ना ने एक ग्रामीण भोला की भूमिका निभाई थी। इसमें जहां मुमताज ने उनकी प्रेमिका की भूमिका निभाई, वहीं अभिनेत्री नाज ने मेरी प्यारी बहनिया बनेगा दुल्हनिया के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की, जिसे राजेश ने फिल्म में उनके लिए गाया था। आज भी राजेश खन्ना को मुकुल दत्त की 'आन मिलो सजना' (1970) में आशा पारेख के साथ अच्छा तो हम चलते हैं के लिए याद किया जाता है। इसके अलावा 'आनंद', 'अंदाज', 'हाथी मेरे साथी', 'बावर्ची', 'जोरू का गुलाम', समेत काका की तमाम फिल्में आज भी खूब पसंद की जाती हैं। 18 जुलाई 2012 को लंबी बीमारी के बाद राजेश खन्ना का निधन हो गया। हालांकि, अपनी शानदार फिल्मों के जरिए वे आज भी जिंदा हैं।

यह भी पढ़ें: 'सबसे मुश्किल काम अच्छी स्क्रिप्ट लिखना होता है', वरुण शर्मा ने आखिर क्यों कही ऐसी बात
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें