आर्यन खान
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मुंबई में ये सर्वविदित तथ्य है कि हिंदी सिनेमा के दिग्गज निर्माता, निर्देशकों से कुछ प्रभावशाली लोगों का एक समूह पिछले चार पांच साल से सीधे संपर्क में रहा है। ये लोग इन निर्देशकों से मिलकर पहले से खोजकर निकाली गई ऐसी कहानियों पर फिल्में बनाने के लिए बातें करते रहे हैं, जिनका एक एजेंडा होता है। अपनी विचारधारा की ये फिल्में बनवाने में ये समूह कुछ हद तक कामयाब भी हुआ है, लेकिन इस मामले का दिलचस्प पहलू ये भी है कि इस तरह की एक भी फिल्म अब तक बॉक्स ऑफिस पर चली नहीं है।