मोहम्मदी रफी साहब जैसा फनकार कोई दूसरा नहीं है। जिंदगी के आखिरी दिन भी रफी गाने में व्यस्त थे। तबीयत खराब होने के बाद भी वो अपने वादे के मुताबिक एक रिकॉर्डिंग की तैयारी कर रहे थे। 31 जुलाई 1980 को मोहम्मद रफी ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनकी पुण्यतिथि पर कुछ ऐसी अनसुनी बातें आपके सामने लाए हैं, जो उनकी गायकी के साथ व्यक्तिव को भी बयां करती हैं।