फिल्म- यारियां 2
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सामाजिक सोच को बदलने वाली फिल्म
इस फिल्म में दिव्या के किरदार लाडली की सामाजिक पृष्ठभूमि और सामाजिक सोच को बदलने के लिए पड़ सकने वाले प्रभाव को भी अमर नजरअंदाज नहीं करते हैं। वह कहते हैं, ‘दिव्या खोसला कुमार ने इस किरदार के जरिये सामाजिक सोच को बदलने का वाकई बड़ा काम किया है। आश्चर्य इस बात का है कि इस धागे की तरफ अधिकतर फिल्म समीक्षकों का भी ध्यान गया नहीं। ये एक तरह से भारतीय संस्कृति में सदियों से चली आ रही मित्रता के सूत्र ‘तत् सुखे त्वम्’ का जीता जागता उदाहरण है। दक्षिण में भी फिल्म की ये कहानी ‘बैंगलोर डेज’ के नाम से बन चुकी है और वहां ये हिट भी रही। दर्शकों के शैक्षिक स्तर का भी किसी फिल्म की सफलता-विफलता पर असर पड़ता है, ये बात भी इस फिल्म के परिणामों से जाहिर होती है।’