पूजा ढींगरा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पुरुषों के मुकाबले इस प्रोफेशन में महिलाएं बहुत कम हैं, इसकी क्या वजह मानती हैं आप ?
इसमें बहुत सारे कल्चरल फैक्टर हैं। बाकी इंडस्ट्री की तरह यह इंडस्ट्री भी पुरुष प्रधान इंडस्ट्री रही है। महिलाएं यह नहीं कर सकती है, ऐसी धारणा लोगों की रही है। पुरुष और महिला के बराबरी की बात तो हो रही है, लेकिन अभी भी सवाल यही है कि बराबरी कितनी बढ़ी है। खैर, अभी बदलाव हो रहा है, बहुत सारी औरते अब इस प्रोफेशन में आने लगी हैं। लेकिन यह बदलाव बहुत धीरे हो रहा है।