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Hindi in Hindi Cinema: न हिंदी पढ़नी आती है न हिंदी बोलनी आती है, इसीलिए तो नहीं बन गया हिंदी सिनेमा ‘बॉलीवुड’

Sat, 13 Jan 2024 05:48 PM IST
ज्योति राघव अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
भारतीय सिनेमा के कारोबार में बीते साल सबसे बड़ी हिस्सेदारी एक बार फिर हिंदी सिनेमा की रही। हिंदी धारावाहिकों, वेब सीरीज और म्यूजिक वीडियोज को भी मिला लें तो हिंदी मनोरंजन जगत देश में सबसे तेजी से तरक्की करने वाला कारोबार है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि ये इकलौती ऐसी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री है, जिसका काम उस भाषा में नहीं होता जिसके बूते ये हर साल करोड़ों की कमाई करती है। मशहूर संवाद लेखक, गीतकार और शायर जावेद अख्तर खुलासा करते हैं कि हिंदी सिनेमा के तमाम कलाकार देवनागरी में लिखी हिंदी पढ़ ही नहीं सकते।
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अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जावेद अख्तर इन दिनों अपने बयानों को लेकर खूब सुर्खियों में हैं। उनको जहां भी मौका मिलता है वह हिंदी सिनेमा की बखिया जमकर उधेड़ते हैं। मणिरत्नम को वह हिंदी सिनेमा को उसकी औकात दिखाने वाला बता ही चुके हैं। फिल्म ‘एनिमल’ को लेकर उनके बयानों ने ऐसा हल्ला मचाया कि इसके निर्माता, निर्देशक संदीप रेड्डी वंगा तक का सिंहासन डोलता दिखा। अब उन्होंने हिंदी सिनेमा के अभिनेताओं के हिंदी अक्षर ज्ञान पर सवाल उठाया है।
 
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रेट्रो हिंदी सिनेमा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के एक कार्यक्रम में जावेद हिंदी और उर्दू भाषाओं को लेकर लोगों के मन में बनी गलत अवधारणाओं पर अपनी बात कह रहे थे। उन्होंने कहा कि भाषा का धर्म से जुड़ाव नहीं है और उर्दू व हिंदी का भले ही सियासतदानों ने दो बंटवारा कर दिया हो लेकिन दोनों हमेशा से एक रही हैं। जावेद यही नहीं रुके, वह हिंदी के अक्षर ज्ञान को लेकर भी बहुत बेतकल्लुफी से बोले। जावेद कहते हैं, ‘फिल्म उद्योग में हम आज नई पीढ़ी के अधिकतर अभिनेताओं के लिए रोमन लिपि में हिंदी संवाद लिखते हैं। वे कुछ और पढ़ ही नहीं सकते हैं।’
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द आर्चीज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जावेद अख्तर के इस बयान ने हिंदी सिनेमा की नई पीढ़ी को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। बीते साल नवंबर में रिलीज हुई फिल्म ‘आर्चीज’ में हिंदी सिनेमा के जाने माने परिवारों की नई पीढ़ी ने सिनेमा में दस्तक दी। इनके अभिनय के साथ साथ दर्शकों और समीक्षकों ने इनके हिंदी उच्चारण पर भी सवाल उठाया। अंग्रेजी लहजे में बोली गई हिंदी की बात अभी थमी भी नहीं है कि जावेद अख्तर ने इनके हिंदी ज्ञान पर ही सवाल लगा दिया है।
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करण जौहर, शर्मिला टैगोर, सैफ अली खान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
और, हिंदी सिनेमा के कर्णधारों की हिंदी कैसी है, इसका खुलासा हाल ही में करण जौहर के शो ‘कॉफी विद करण’ में भी हो चुका है। इस एपिसोड में अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने अपने बेटे अभिनेता सैफ अली खान के साथ शिरकत की। शो के दौरान दोनों ने ही अपने निजी जीवन पर खुल कर बात की और ऐसे ही किसी बात में उन्होंने ‘पुत्र मोह’ शब्द का उपयोग किया और सैफ व करण दोनों इस शब्द का अर्थ समझ पाने में असफल रहे। अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने अभिनेता और निर्देशक दोनों को तब ये कहकर फटकार लगाई कि आप दोनों हिंदी सिनेमा जगत से हैं आपको पुत्र मोह का मतलब पता होना चाहिए।
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