कृतिका कामरा
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कृतिका कामरा ने उन सभी जवानों के बारे में भी बात की, जो असल जिंदगी में वर्दी पहनकर अपने परिवार से दूर लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं और भारत देश के प्रति अपना फर्ज निभाते हुए लोगों की रक्षा कर रहे हैं। कृतिका ने कहा कि वे उन वर्दी पहने हुए जवानों को सलाम करती हैं, उनकी हिम्मत को सलाम करती हैं, क्योंकि धूप हो, बारिश हो, आंधी हो या तूफान हो, वे जवान अपने काम में जुटे रहते हैं। उनकी ड्यूटी उनके लिए सबसे पहले आती है। वे परिवार से दूर हुए अपनी जरूरत को भूल लोगों की सेवा में जुटे रहते हैं। उन्हें अपने स्वार्थ को अलग रखकर पहले लोगों के बारे में सोचना होता है। यह बहुत हिम्मत का काम है।