किशोर दा के गानों का एक और पहलू था। उनके गाने किसी तन्हाई में अकेले कभी दिल के दर्द को कम कर देता है, तो कभी भूले प्यार की यादों ताजा कर देता।
मेरा जीवन कोरा कागज़ कोरा ही रह गया
जो लिखा था
जो लिखा था आँसुओं के संग बह गया
मेरा जीवन ...
और
खिज़ा के फूल पे आती कभी बहार नहीं
मेरे नसीब में ऐ दोस्त, तेरा प्यार नहीं
मेरे नसीब में ऐ दोस्त, तेरा प्यार नहीं ...
किशोर कुमार ने फिल्म 'कोरा कागज' और 'दो रास्ते' जैसी कई शानदान फिल्मों में अपने दर्द भरे गानों से भी कई दर्शकों के दिलों का जीता है। यही वजह है कि उन्होंने हिंदी सिनेमा का सदाबहार गायक कहा जाता है।