किशोर कुमार
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दरअसल, ‘शुरू शुरू में जब किशोर कुमार के बंगाली रिश्तेदार गाना गवाते थे, तो गाना गवाने के बाद मिठाई का डिब्बा पकड़ा कर चल देते थे। फिर किशोर कुमार ने अपना दिमाग चलाया। वह रिकॉर्डिंग में तो चले जाते थे, लेकिन गला खराब होने का बहाना बनाकर वापस चले आते थे । प्रोड्यूसर को लगता था कि अचानक गला कैसे खराब हो गया? तब उनका सेक्रेटरी प्रोड्यूसर को समझता था कि जब तक पहले पैसे नहीं मिलते, उनका गला खराब ही रहता है। उसके बाद से सभी प्रोड्यूसर गाने की रिकॉर्डिंग से पहले पैसे देने लगे।