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Kangana Ranaut: सिख समुदाय के विवाद के बीच कंगना ने धर्म पर साझा किए विचार, बोलीं- देश की सबसे बड़ी समस्या...

Mon, 22 Nov 2021 02:55 PM IST
विजयाश्री गौर एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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कंगना रणौत - फोटो : Instagram
कंगना रणौत पिछले काफी समय से एक के बाद दिए जा रहे विवादित बयानों के लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में सिख समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर दी जिसके बाद से विवाद बढ़ गया है। कंगना के इंस्टाग्राम पोस्ट पर सिखों के लिए इस्तेमाल की गई भाषा और विचार पर दिल्ली की सिख गुरुद्वारा प्रबंधन ने नाराजगी जाहिर की और उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। दरअसल कंगना ने पोस्ट में किसान आंदोलन को खालिस्तानी आंदोलन बताया है।

कंगना ने साझा किए विचार

इसके साथ ही उन्होंने सिख समुदाय को खालिस्तानी आतंकवादी कहा जिसके बाद से विवाद बढ़ गया। हालांकि इन सबके बीच कंगना ने फिर अपने बेबाक विचार साझा किए हैं। कंगना ने लिखा, 'आज का विचार, दक्षिण भारतीय उत्तर भारतियों द्वारा भेदभाव महसूस करते हैं यही वजह है कि द्रविड़ियन आंदोलन हुआ। उत्तर भारतीय सिखों को पूरे भारत में भेदभाव महसूस होता है इसलिए वह खालिस्तान चाहते हैं'।

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कंगना रणौत - फोटो : सोशल मीडिया
आगे कंगना ने लिखा, 'पंजाबी हिंदुओं को लगता है कि सिख उन्हें दबा रहे हैं और उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं।मुस्लिमों को भी भेदभाव महसूस होता है इसलिए वह देश के टुकड़े करते हैं और आगे और चाहते हैं। नार्थ ईस्ट और पहाड़ी लोग कितना निगलेक्ट महसूस करते हैं यह हम सभी जानते हैं। हिंदुओं को भी उपेक्षित महसूस होता है, महाराष्ट्रियन को भी उपेक्षित महसूस होता है तो इसके कारण शिवसेना बनी। बंगाली, केरला, बिहारी और यूपी के लोग क्या महसूस करते हैं वहां तो सोच नहीं सकते।
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कंगना रणौत - फोटो : instagram/kanganaranaut
कंगना ने कहा, 'हां, हम इसे किसी एक को नहीं कह सकते लेकिन ये उपेक्षित बाल सिंड्रोम( neglected child syndrome) ही इस देश की सबसे बड़ी समस्या है। अगर हर कोई भेदभाव का शिकार हो रहा है तो ये भेदभाव कर कौन रहा है। इसका एक ही हल है राष्ट्रीयता।अगर हमें उपेक्षित बाल सिंड्रोम से बचना है तो धर्म और जाति को सीमित करना होगा'।

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कंगना रणौत - फोटो : twitter@KanganaTeam
कंगना बोलीं- 'अगर आप किसी से बेहतर होने का सोचेंगे ही नहीं तो छोटा महसूस होने की भावना जागेगी ही नहीं। अगर हम दक्षिण भारतीय, उत्तर भारतीय, महाराष्ट्रियन, बिहार, पंजाबी, होना बंद कर देंगे और खुद को सिर्फ भारतीय समझेंगे तो यह देश हमारे लिए रहने की और भी बेहतर जगह बन जाएगा। उम्मीद हो कि हम ऐसा करें। जय हिंद'।
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कंगना रणौत - फोटो : सोशल मीडिया
शिरोमणि अकाली दल के नेता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमिटी के प्रेसिडेंट मनजिंदर सिंह सिरसा ने कंगना के पोस्ट पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि, 'या तो अभिनेत्री को जेल में डाल दिया जाए या फिर उन्हें पागलखान भेज दिया जाए। सिरसा ने कहा कि कंगना का यह बयान उनकी गिरी हुई मानसिकता को दर्शाता है। यह कहना कि तीनों कृषि कानून खालिस्तानी आंदोलन के कारण वापस लिए गए एक तरह से किसानों का अपमान है'।
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