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Mona Singh Interview: पुणे से 50 बार आकर मुंबई में दिया ऑडिशन, और फिर एक दिन मुझे हार सामने दिखी, लेकिन...

Wed, 28 Jun 2023 03:37 PM IST
प्रियंका नेगी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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मोना सिंह और कफस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अभिनेत्री मोना सिंह कमाल की कलाकार हैं। इंसान वह उससे बढ़िया हैं। कहती हैं, एक कलाकार होने नाते मेरा सामाजिक कर्तव्य है कि मैं ऐसे शो या फिल्में करूं जिससे समाज में एक सार्थक संदेश भी दिया जा सके।  'थ्री इडियट्स' से सिनेमा में मशहूर हुईं मोना सिंह को देश दुनिया ने उनके धारावाहिक 'जस्सी जैसी कोई नहीं' से पहचाना। इन दिनों वेब सीरीज ‘कफस’ को लेकर सुर्खियां बना रहीं मोना सिंह ने ‘अमर उजाला’ से एक खास बातचीत में ये राज खोला कि आखिर उन्हें धारावाहिक ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ के लिए 50 बार पुणे से मुंबई क्यों आना पड़ा था...
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मोना सिंह - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
वेब सीरीज 'कफस' जैसा कोई किस्सा फिल्म इंडस्ट्री में रहते हुए आपकी जानकारी में आया क्या?
यह तो एक काल्पनिक कहानी है सो इस पर टिप्पणी करने का मतलब नहीं है। लेकिन, एक कलाकार होने के नाते मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं जब किसी शो का हिस्सा बनूं तो उसे समाज को प्रभावित करना चाहिए। एक ऐसा मजबूत संदेश होना चाहिए, जिससे दर्शक भी मनोरंजन के साथ साथ अपना सकें। मेरी फिल्म 'थ्री इडियट्स' और सीरियल 'जस्सी जैसी कोई नहीं',  'क्या हुआ तेरा वादा' समाज को प्रभावित करते हैं। एक कलाकार की कहीं न कहीं एक नैतिक जिम्मेदारी भी होती है। नहीं तो आप समाज को वापस क्या दे रहे हो जिसने आपको इतना प्यार दिया।
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मोना सिंह थ्री इडियट्स में - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

अच्छा, 'थ्री इडियट्स' से किस तरह से जुड़ना हुआ? 
मैं तो बहुत भाग्यशाली रही कि मुझे 'थ्री इडियट्स' जैसी फिल्म में काम करने का मौका मिला।  इस फिल्म के लिए न तो कभी ऑडिशन दिया और न ही किसी से जाकर मिली। मैं एक अवार्ड शो की मेजबानी करने अमेरिका गई थी। जहां पर राजू सर ( राजकुमार हिरानी ) को भी अवार्ड मिल रहा था। राजू सर ने मुझे प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बताया कि तुम्हारे लिए मेरे पास कुछ है, मुंबई जाएंगे फिर बात करेंगे। मैंने कहा भी कि इस तरह की फिल्मी बातों की जरूरत नहीं है। लेकिन, दो महीने बाद राजू सर का फोन आया और ये रोल मुझे मिल गया।

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मोना सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

पहली ही फिल्म में दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा
पहली बार बड़े -बड़े स्टार्स के साथ फिल्म कर कर रही थी तो घबराहट बहुत हो रही थी। मैं टीवी इंडस्ट्री से आई थी और मुझे ज्यादा एक्सपोजर भी नहीं मिला था। लेकिन सबने मुझे साथ रखा। पहले दिन सबने शूट पर बोला कि हम तुम्हारे फैन है, क्या काम किया है 'जस्सी जैसी जैसी कोई नहीं' में। मुझे लगा कि इतने बड़े स्टार मुझे ऐसा बोल रहे हैं, तो मुझे और क्या चाहिए। आमिर सर जब सामने आते हैं, तो अच्छे अच्छो की बोलती बंद हो जाती है। लेकिन वह इतने अच्छे इंसान हैं कि उन्होंने कभी जाहिर नहीं होने दिया कि वह इतने बड़े स्टार हैं। बड़े एक्टर फलदार पेड़ों की तरह झुके रहते हैं। 

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मोना सिंह लाल सिंह चड्ढा में - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
और, फिर आमिर खान के साथ आपने 'लाल सिंह चड्ढा' में काम किया...
इस फिल्म को लेकर तो हमारी कार्यशालाएं बहुत हुई थीं। पंचगनी में इसके लिए हम एक महीना आमिर खान के मेहमान बनकर रहे। वहां स्क्रिप्ट की रीडिंग भी चल रही थी और म्यूजिक पर भी काम चल रहा था। लाल सिंह चड्ढा ने बहुत सारे उतार चढ़ाव देखे हैं। उसी दौरान कोविड आ गया, आमिर सर का तलाक हो गया, करीना प्रेग्नेंट हो गई और भी बहुत कुछ हुआ फिर भी फिल्म रिलीज हुई। उस फिल्म की शूटिंग में हमने तीन साल बिताए, फिल्म से हम सभी को लगाव हो गया था।
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मोना सिंह जेड प्लस में - फोटो : सोशल मीडिया

एक तरफ आप डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म 'जेड प्लस' करती है तो वहीं दूसरी तरफ 'अमावस' जैसी फिल्में भी साइन कर कर लेती है? 
डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म 'जेड प्लस  काम करके मुझे बहुत मजा आया। मुझे लगता है कि हर किरदार मैंने इतना अलग किया है कि खुद को भाग्यशाली समझती हूं। कभी ऐसा नहीं रहा कि एक ही तरह के रोल मिल रहे हो, इसलिए टाइपकास्ट होने से बच गई। 'अमावस' मैंने ऐसे समय पर की, उसमे  मैंने स्क्रिप्ट को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। मैंने सिर्फ यह देखा कि हम सब लंदन जा रहे हैं और मजे करेंगे।

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मोना सिंह - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

'जस्सी जैसी कोई नहीं' से किस तरह से जुड़ना हुआ आपका? 
मैं बचपन में दिया सिंह और टोनी सिंह का एक शो 'बनेगी अपनी बात' देखती थी। मेरे दिमाग में यह कभी नहीं था कि मुझे फिल्में करनी हैं।  मेरे दिमाग में सिर्फ यह था कि एक्टिंग करनी है। सबसे पहले टीवी के लिए दिया सिंह और टोनी सिंह के यहां ही ऑडिशन दिया। मेरे पास एक डायरी हुआ करती थी, जिसमें एड एजेंसी और टीवी सीरियल के प्रोड्यूसर के नंबर और पते होते थे। मेरा पहला एड एशियन पेंट्स का था। 'जस्सी जैसी कोई नहीं' के लिए मेरे पचास ऑडिशन हुए थे। एक दिन तो मैंने दिया सिंह और टोनी सिंह को कह दिया कि मैं ऐसे रोज पुणे से मुंबई अपने पैसे खर्च करके ऑडिशन देने नहीं आ सकती। आप बता दो कि हो रहा है कि नहीं हो रहा है, अब नहीं आउंगी ऑडिशन देने। वह प्रोजेक्ट बहुत बड़ा और सीक्रेट था, इसलिए मुझे भी नहीं बता रहे थे कि क्या है। जब मैंने हार मान कर पूछा कि अब मुझसे ऑडिशन नहीं हो पाएगा, तब पता चला कि 'जस्सी जैसी कोई नहीं' किस तरह का शो है। उसके बाद सोनी चैनल के साथ मेरा कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ और सोनी ने मुझे अपने बच्चे की तरह रखा। 

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