कुमार कन्हैया सिंह
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मिट्टी से सीखी किरदार की ईमानदारी
बिहार के बेगूसराय में जन्मे कुमार कन्हैया सिंह से मिलना हिंदी फिल्म जगत में हर रोज आने वाले हजारों युवाओं की नजर से इसे देखने का जरिया भी बनता है। हिंदी फिल्म जगत जिस एक बात के चलते लगातार देश के दूसरे भाषाई सिनेमा से पिछड़ रहा है, उसके बारे में कन्हैया खुलकर बातें करते हैं। उन्होंने बिहार की गलियां देखी हैं, देश के बड़े मेट्रो शहरों की तेजी से बदलती जिंदगी देखी है और ये भी देखा है कि सिनेमा की कड़ी दर्शकों से कहां टूट रही है। वह कहते हैं, ‘अभिनय मेरा लक्ष्य है लेकिन ये अभिनय परदे पर नकली ना लगे इसके लिए मैं असली जीवन से खुद को दूर नहीं करना चाहता।’