जॉनी वॉकर यानी बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी की आज पुण्यतिथि हैं। जॉनी वॉकर किसी परिचय के मोहताज नहीं है। ताउम्र दर्शकों को हंसाते रहे जॉनी वाकर 29 जुलाई, 2003 को सबको अलविदा कह गए।
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कहते हैं कि रुलाने से कहीं ज्यादा मुश्किल होता है, हंसाना और जीते जी इसी की मिसाल कायम कर गए बॉलीवुड के बेहतरीन कॉमेडियन जॉनी वॉकर। उन्होंने अपने अभिनय से करोड़ों लोगों का दिल जीता। उनकी पुण्यतिथि पर जानते है बॉलीवुड के इस सुपर स्टार की जिंदगी से जुड़ी खास बातें।
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'सीआईडी' फिल्म का गीत 'ऐ दिल है मुश्किल जीना यहां, जरा हटके जरा बचके ये है बॉम्बे मेरी जां', जॉनी वॉकर पर फिल्माया गया था। गाने में मुबंई में बसों की हालत को दिखाया गया था। कहते है फिल्मों में काम करने का सपना लेकर आए जॉनी वॉकर को अपने संघर्ष के दिनों में बस कंडक्टर की नौकरी तक करनी पड़ी थी।
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जॉनी वॉकर के अंदर शुरू से सिनेमा का जुनून था और लोगों की नकल उतारने में माहिर थे, इसलिए बस में मिमिक्री से यात्रियों का मनोरंजन करते रहते थे।
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जॉनी वाकर की प्रतिभा से खुश होकर उन्हें पहला मौका गुरु दत्त ने अपनी फिल्म 'बाजी' में दिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। जॉनी वाकर ने गुरुदत्त की कई फिल्मों मे काम किया जिनमें 'आर-पार', 'प्यासा', 'चौदहवी का चांद', 'कागज के फूल', 'मिस्टर एंड मिसेज 55' जैसी सुपर हिट फिल्में शामिल हैं।
कहा जाता है बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी को जॉनी वॉकर बनाने वाले गुरु दत्त ही थे। अपने अलग अंदाज और हाव-भाव से लगभग चार दशक तक दर्शकों का मनोरंजन करने वाले महान हास्य कलाकार जॉनी वाकर 29 जुलाई 2003 को इस दुनिया को अलविदा कह गए।