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शिक्षा पर आधारित हैं ये 10 बॉलीवुड फिल्में, एक भी देख ली तो नहीं खाएंगे किसी भी क्लास में मात

Sun, 02 Sep 2018 11:46 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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बॉलीवुड में शिक्षा पर आधारित फिल्में समय-समय पर देखने को मिलती रही हैं जो शिक्षा का असल महत्व समझाती हैं। फिल्म क्रिटिक्स ने भी इन फिल्मों को खूब सराहा है। एक्शन, ड्रामा और कॉमेडी फिल्में तो लोग बड़े ही चाव से देखते है साथ ही वे शिक्षा पर बनी फिल्मों को भी देखने से नहीं चूकते हैं। ऐसे में बात करेंगे उन 10 बॉलीवुड फिल्मों की जो शिक्षा पर आधारित हैं...
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तारे जमीन पर (2007)

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तारे जमीं फिल्म का एक दृश्य
साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म 'तारे जमीन पर' तो ज्यादातर लोगों ने देखी ही होगी। फिल्म में आमिर खान ने एक आर्ट टीचर की भूमिका प्ले की है जो बच्चों को गाकर, खिलाकर पढ़ाने में विश्वास करते हैं। वहीं, उनकी क्लास में पढ़ने में कमजोर छात्र ईशान अवस्थी पर उनका पूरा ध्यान रहता है। ऐसे में वे ईशान के अंदर के टैलेंट को पहचानकर उसे उसकी राह पर ले जाने का काम करते हैं। 
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3 इडियट्स (2009)

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3 idiots
इसके दो साल बाद साल 2009 आमिर खान एक बार शैक्षिक फिल्म '3 इडियट्स' में नजर आए। इस फिल्म का भी वही कॉन्सेप्ट था जो 'तारे जमीन पर' में देखने को मिला। यही कि बच्चे का जिस विषय में ज्यादा रुझान हो उसे वहीं करने दें। ऐसे में तीन छात्रों पर आधारित फिल्म '3 इ़डियट्स' में आमिर ने ये भी बताया कि पढ़ाया कैसे जाता है। यकीनन इस फिल्म को देखने के बाद कई ऐसे छात्र रहे होंगे जो इस फिल्म से बहुत ही प्रेरित हुए होंगे।

चल चलें (2009)

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इस कड़ी में साल 2009 में ही आई फिल्म 'चल चलें' में भी छात्रों पर अकेडमिक प्रेशर को दिखाया गया है। फिल्म में मिथुन चक्रवर्थी मुख्य भूमिका में हैं। इस फिल्म में अभिभावक के शैक्षिक दवाब के चलते एक बच्चा आत्महत्या कर लेता है। इसके बाद इस बच्चे की आत्महत्या की खबर पूरे देश में फैल जाती है जो एजुकेशन सिस्टम और अभिभावक के जरूरत से ज्यादा दवाब की तस्वीर देश के सामने पेश करता है। 

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पाठशाला (2010)

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साल 2012 में बॉलीवुड के चॉकलेटी लुक एक्टर शाहिद कपूर को भी शिक्षा पर आधारित फिल्म 'पाठशाला' में टीचर का रोल करने का मौका मिला। इस फिल्म में वह एक डांस टीचर होते हैं जो स्कूल के प्रशासकीय तौर-तरीके, अध्यापकों के रवैये और बच्चों पर ज्यादा प्रेशर के खिलाफ जाकर सिस्टम को बदलने का प्रयास करते नजर आते हैं। 
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आई एम कलाम (2010)

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अवार्ड विनिंग फिल्म 'अाई एम कलाम ने भी देशवासियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। फिल्म में एक बच्चा जो कि पढ़ने में बहुत ही होशियार होता है और वह देश के पूर्व राष्ट्रपति एबपीजे अब्दुल कलाम की जिंदगी से प्रेरित होकर आगे बढ़ने की हिमाकत करता है।   
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फालतू (2011)

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फिल्म 'फकीरचंद एंड लकीरचंद युनिवर्सिटी' यानी कि 'फालतू' ये शिक्षा पर आधारित एक कॉमेडी फिल्म है। इस फिल्म को कोरियोग्राफर रेमो डिसुजा ने डायरेक्ट किया है। फिल्म में जैकी भागननी मुख्य किरदार में हैं। साथ ही अंगद बेदी और पूजा गुप्ता भी फिल्म में नजर आए हैं। दरअसल, यह फिल्म तीन पढ़ने में कमजोर दोस्तों पर आधारित है जो खुद का कॉलेज खोलना चाहते हैं। 

आरक्षण (2011)

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वहीं, साल 2011 में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, सैफ अली खान, मनोज बाजपेयी और दीपिका पादुकोण फिल्म 'आरक्षण' में नजर आए। यह एक सामाजिक-राजनीतिक फिल्म है जिसे प्रकाश झा ने डायरेक्ट किया है। पिछड़ों और एससी /एसएसटी को सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिलने पर आधारित इस फिल्म में कई पहलुओं को समझाने की कोशिश की गई है।

इंग्लिश विंग्लिश (2012)

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बड़े परदे पर एक बार फिर वापसी करने उतरी थीं बॉलीवुड की 'चांदनी' श्रीदेवी ने फिल्म 'इंग्लिश-विंग्लिश' में इस बात पर जोर डाला कि कैसे अपने ही देश में अंग्रेजी बोलने वाले को ज्यादा वरीयता दी जाती है और हिंदी बोलने वाले को आगे बढ़ने का मौका ही नहीं मिल पाता है।

निल बटे सन्नाटा (2016)

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फिल्म 'निल बटे सन्नाटा' को अश्वनी अय्यर तिवारी ने डायरेक्ट किया है और इसमें एक्ट्रेस स्वरा भास्कर, रिया शुक्ला, रत्ना पाठक, पंकज त्रिपाठी और संजय सूरी जैसे मंझे हुए कलाकारों ने अपना किरदार बखूबी निभाया है। यह फिल्म मां-बेटी, शिक्षा और उनकी गरीबी के इर्द-गिर्द घूमती है।
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फिल्म चॉक एंड डस्टर (2016)

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आखिर में बात करेंगे फिल्म 'चॉक एंड डस्टर' की जो साल 2016 में रिलीज हुई थी। फिल्म में एक्ट्रेस शबाना आजमी और जूही चावला मुख्य रोल में हैं। यह फिल्म भारतीय प्राइवेट शिक्षा व्यवस्था के व्यवसायीकरण पर आधारित है। यह फिल्म अध्यापकों और छात्रों के बीच कम्यूनिकेशन और उन आपसी समस्याओं पर प्रभाव डालती हैं जो दिन प्रति-दिन बदलती और बढ़ती जा रही हैं।  
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