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Friendship Day 2022: दिल्ली से बुलाकर अमित सियाल को बनाया अपनी फिल्म का हीरो, रणदीप ने पेश की दोस्ती की मिसाल

Sun, 07 Aug 2022 11:36 AM IST
मेघा चौधरी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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अमित सियाल, रणदीप हुड्डा - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मनोरंजन जगत में दोस्ती के किस्से तमाम हैं। राज कपूर और दिलीप कुमार की दोस्ती से लेकर अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर तक की दोस्ती की मिसाल आज तक दी जाती हैं। नए चेहरों में ऐसी दोस्ती की मिसाल तो ज्यादा नहीं बनीं लेकिन दोस्ती का जो किस्सा आज हम आपको बताने जा रहे हैं, वह भावुक कर देने वाला जरूर है। ये दोस्ती है अभिनेताओं रणदीप हुड्डा और अमित सियाल की। अमित सियाल और रणदीप हुड्डा की पहली मुलाकात मेलबर्न में हुई। कुछ दिनों तक दोनों ने वहां साथ में थिएटर भी किया। बाद में अमित सियाल दिल्ली आ गए और रणदीप हुड्डा मुंबई।दोनों के शहर अलग अलग हो गए लेकिन, दोनों की दोस्ती कायम रही और फिर हुआ कुछ ऐसा कि ये दोस्ती अमित सियाल को मुंबई ले आई। आज वह ओटीटी के नामचीन चेहरे बन चुके हैं।
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अमित सियाल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
रणदीप हुड्डा की दरियादिली
अमित सियाल बताते हैं, ‘फिल्म निर्देशक तनुजा चंद्रा उन दिनों एक इंडो अमेरिकन फिल्म 'होप एंड ए लिटिल शुगर' बना रही थीं। फिल्म के लिए रणदीप हुड्डा को हीरो लिया गया था लेकिन रणदीप दूसरी फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त थे इसलिए तनुजा चंद्रा की यह फिल्म नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने मुझे ये फिल्म दिलाई और मैं हीरो बन गया। अपना रोल किसी दूसरे को बुलाकर दे देने की ऐसी मिसाल शायद आपको कम ही मिलेंगी फिल्म जगत में। मैं रणदीप हुड्डा की ये दरियादिली कभी भूल नहीं सकता।’
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अमित सियाल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
हीरो बना तो छोड़ दिए कई सारे रोल
वेब सीरीज 'महारानी' की सफलता सीक्वल में भी अमित सियाल नजर आने वाले हैं। 25 अगस्त से सोनी लिव पर रिलीज होने जा रही इस सीरीज के बारे में मुलाकात होने पर अमित सियाल बताते हैं, ‘जब किसी कलाकार को शुरुआत में ही किसी फिल्म में बड़ा रोल मिल जाता है तो फिल्मों के बाकी किरदार बौने लगने लगते है। जब तनुजा चंद्रा की फिल्म में हीरो बन गया तो मुझे और भी कई फिल्मों के ऑफर मिले। लेकिन, मैं यह सोचकर मना करता रहा कि अब तो मैं हीरो बन गया छोटी मोटी भूमिकाएं अब क्यों करनी? मुझे लग रहा था कि फिल्म रिलीज होते ही मैं तो बॉलीवुड में छा जाऊंगा लेकिन वह मेरा बचपना था।’ 

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अमित सियाल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
इनसाइड एज’ ने बदल दी किस्मत
ओटीटी के आने से कई कलाकारों की किस्मत बदली है, उन्हीं में से एक अमित सियाल भी है। अमित सियाल कहते है, 'ओटीटी का दौर शुरू हुआ और मुझे अमेजन प्राइम  की वेब सीरीज 'इनसाइड एज' में काम करने का मौका मिला। जितना गुबार मेरे अंदर बरसों से भरा पड़ा था, वह सब इसमें निकाल दिया और इसमें देवेंद्र मिश्र के किरदार को लोगों ने खूब पसंद किया। इसके बाद ओटीटी पर मेरी गाड़ी निकल पड़ी। रणदीप हुड्डा के साथ हमारी दोस्ती हुए 28 साल हो गए हैं। आज भी हम अच्छे दोस्त है। उनके साथ मैंने एक वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' में भी काम किया है। अब तक सात आठ वेब सीरीज हो गए हैं। अब 'महारानी' के बाद इसका दूसरा सीजन भी आ रहा है।'
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अमित सियाल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
कई बार लगा कि कानपुर लौट जाऊं
तनुजा चंद्रा की फिल्म बनने और रिलीज होने के दौरान अमित सियाल चार साल के अंदर कई फिल्मों का ऑफर ठुकरा चुके थे। वह कहते हैं, ‘ये मेरी बहुत बड़ी भूल थी, वैसे मेरी जगह कोई और भी होता तो यही सोचता कि एक फिल्म में हीरो बनने के बाद कैरेक्टर रोल कोई क्यों करेगा? दिल्ली में मैं थिएटर करता ही था। मुंबई में भी इस दौरान थिएटर करता रहा लेकिन फिल्मों में काम नहीं मिल रहा था। कई बार ऐसा लगता था कि सब कुछ छोड़ छोड़ कर वापस कानपुर चला जाऊं। लेकिन, जब भी मुंबई छोड़ने का मन बनाता तो किसी न किसी फिल्म में  छोटा मोटा काम मिल जाता।’
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अमित सियाल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मां के आशीर्वाद से मिली कामयाबी
अमित सियाल का कानपुर में पुश्तैनी चमड़े का कारोबार है। उनके दादा चमड़े के जूते बनाते थे अब उसी बिजनेस को उनके पिता सुदर्शन सियाल संभालते हैं। अमित सियाल कहते है,  'हम दो भाई है। दोनो भाFयो को इस बिजनेस में कोई दिलचस्पी नहीं थी। मेरी माता रेखा सियाल भी नहीं चाहती थी कि हम लोग कानपुर में रहकर कुछ करें। वह आधुनिक सोच की महिला हैं। मां के आशीर्वाद से हम दोनों भाई दिल्ली आ गए। छोटा भाई सुमित सीए बन गया और मैं थिएटर करते करते यहां तक पहुंच गया।’
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