बिदिता बाग
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ओटीटी पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘भौकाल’ रही हो, ‘अभय’ हो या फिर ‘द मिसिंग स्टोन’, सारे किरदार एक दूसरे से काफी अलहदा रहे। ये इरादतन था या संयोग से?
सिनेमा में संयोग उन लोगों के हिस्से में आते हैं जिनके गॉडफादर होते हैं। मैं पिछले 10 साल से फिल्म इंडस्ट्री में हूं। ज्यादातर ऐसे निर्देशकों के साथ काम किया जो अपनी पहली फिल्म या पहली सीरीज बना रहे थे। लेकिन, संयोग ये है कि मेरी ही फिल्म या सीरीज से बड़ा नाम बनने के बाद ये निर्देशक मुझे ही भूल जाते हैं। पता नहीं ये इरादतन है या संयोग? लेकिन, मैंने किरदार चुनने में हमेशा अपना मकसद साफ रखा है। मुझे हर किरदार को ओढ़कर पहले से बेहतर कलाकार बनना है। सुपरस्टार बनने का मेरा कभी इरादा नहीं रहा।