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Fraud: फेसबुक पर हीरोइन भेजे फेंड्स रिक्वेस्ट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो मिनटों में खाली हो जाएगी जेब

Mon, 14 Mar 2022 07:21 AM IST
अपूर्वा राय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Cyber fraud - फोटो : सोशल मीडिया
अगर आपको कोई खूबसूरत युवती फेसबुक पर लगातार फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रही है, इंस्टाग्राम मैसेंजर पर मदद मांगने के लिए संदेश भेज रही है या व्हाट्सऐप पर बिना जान पहचान हाय, हेलो कर रही है तो सावधान हो जाइए। मुंबई में हीरोइन बनने आईं तमाम युवतियों को अपने गिरोह में शामिल करके एक देशव्यापी सेक्सटॉर्शन रैकेट इन दिनों सक्रिय है। ये गिरोह लोगों के कंप्यूटर, मोबाइल के कैमरों को हैक करके उनकी तस्वीरों के संपादित अश्लील वीडियो बना रहे हैं और दिन रात लाखों की कमाई कर रहे हैं। इन गिरोहों के खिलाफ अब एक देशव्यापी अभियान शुरू किया गया है और इसके लिए मुंबई पुलिस की साइबर पुलिस भी हरकत में आई है। कानूनी जानकारों के मुताबिक ऐसी हरकतों में फंसने पर बजाय घबराने के हिम्मत से काम लेना चाहिए और ऐसी हर धमकी को रिकॉर्ड करके पुलिस को सौंप देना चाहिए।
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फर्जी कॉल सेंटर - फोटो : अमर उजाला
मुंबई और इसके निकटवर्ती इलाकों में इन दिनों कुछ नए तरह के कॉल सेंटर खुल रहे हैं। कहने को इन सेंटर्स पर कॉल सेंटर में काम करने वालों की ही भर्ती होती है लेकिन इसमें काम करने पहुंच रही युवतियों का अनुभव कुछ और ही कहता है। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से हीरोइन बनने आई बबिता (बदला हुआ नाम) बताती हैं, ‘मैं चार साल पहले यहां टीवी सीरियल में काम करने की तलाश में आई थी। इसी बीच मुझे एक कॉल सेंटर में काम करने का प्रस्ताव मिला। घर का खर्च चलाने के लिए मैंने इसे स्वीकार कर लिया लेकिन कोरोना संक्रमण काल के दौरान कॉल सेंटर का काम बंद हो गया और इसके संचालकों ने मुझे फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने के काम पर लगा दिया।’
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cyber crime - फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के मुताबिक बबिता जैसी लड़कियां को हर दिन फेसबुक फ्रेंड बनाने का लक्ष्य मिलता है। सोशल मीडिया पर मौजूद तस्वीरों को उठाकर ये लड़कियां हर दिन 40 से 50 नए प्रोफाइल बनाती हैं। पहले इन लोगों का काम सोशल मीडिया पर लाइक और रीट्वीट बढ़ाने का था लेकिन उसमें कमाई कम होती देख, इन्हें सेक्सटॉर्शन के काम पर लगा दिया गया। ये पूरे देश में एक जैसी पद्धति पर काम कर रहा है। पहले अनजान शख्स को फेसबुक फ्रेंड बनाया जाता है। कुछ दिन दोस्ती की बातें होती हैं और फिर किसी तरह मोबाइल नंबर हासिल किया जाता है। मोबाइल नंबर मिलते ही ये लोग सीधे व्हाट्सऐप वीडियो कॉल करते हैं और आप चाहे बस हैलो बोलने भर को कैमरा ऑन करें, आप इनके शिकार में फंस चुके होते हैं।

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साइबर क्राइम का फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
मुंबई के कुछ बड़े फिल्म निर्माताओ समेत तमाम बड़े व्यवसायी इस नए साइबर क्राइम के शिकार हो चुके हैं। इन व्हाट्सएप कॉल के जरिये तैयार होने वाले वीडियो को संपादित कर कुछ इस तरह बनाया जाता है जिससे लगे कि अमुक व्यक्ति या तो न्यूड वीडियो देख रहा है या फिर किसी तरह की अश्लील हरकत में शामिल है। फिर इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती है। वीडियो डिलीट करने के नाम पर शुरू में छोटी रकम मांगी जाती है और अगर किसी ने पहली बार में ही ये छोटी रकम दे दी तो फिर ये  मांग लगातार बढ़ती ही जाती है। मुंबई के एक व्यवसायी को एक गिरोह हाल ही में इस तरह से करीब 75 लाख रुपये की चपत लगा चुका है।
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साइबर क्राइम - फोटो : pexels.com
इस बारे में एडवोकेट विपिन शुक्ला कहते हैं, ‘ये गिरोह ऐसे लोगों को है जो हैं तो कंप्यूटर के जानकार हैं लेकिन जिन्हें नौकरी नहीं मिल रही। इन लोगों ने गिरोह में युवतियों को शामिल कर इस काम पर लगा रखा है लेकिन ऐसा पहला वाकया होते ही कानूनी कार्यवाही करनी जरूरी है। बेहतर होगा कि ब्लैकमेल करने की कोशिश करने वालों की कॉल रिकॉर्ड की जाए और इसकी सूचना निकटतम पुलिस थाने को तुरंत दी जाए।’ कानून के हिसाब से ये ब्लैकमेलिंग के अलावा किसी की प्राइवेसी भंग करने का भी अपराध है और ऐसे मामलों में पुलिस तुरंत हरकत में आती है।
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