महिला पहलवान ने एक्ट्रेस राखी सावंत को उठाया और पटखनी दे दी। उसके बाद जो हुआ, वह चौंकाने वाला था। अदाकारा सीधे अस्पताल पहुंच गई, देखिए तस्वीरें।
विज्ञापन
2 of 7
राखी सावंत
पंचकूला में आयोजित सीडब्ल्यूई चैंपियनशिप के दौरान महिला रेसलर रोबेल का चैलेंज स्वीकार करना अभिनेत्री राखी सावंत को महंगा पड़ गया। महिला रेसलर रोबेल ने अभिनेत्री राखी सावंत को कंधे पर उठाकर जोर से नीचे पटक दिया। करीब पांच से आठ मिनट तक राखी रिंग में पड़ी रहीं, लेकिन न तो दर्शक कुछ समझ पाए और न ही सीडब्ल्यूई चैंपियनशिप के कार्यकर्ता।
विज्ञापन
3 of 7
राखी सावंत
कुछ देर बाद जब रेफरी ने उन्हें उठने को कहा तो राखी सावंत उठ न सकी, क्योंकि उनकी कमर में चोट लगी थी। रेफरी ने आयोजकों को इसकी जानकारी दी और आनन फानन में राखी को कंधे के सहारे रिंग से बाहर लाया गया और अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें जीरकपुर के एक अस्पताल ले जाया गया और उसके बाद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया, इस दौरान वे दर्द से कराहती रहीं।
4 of 7
राखी सावंत
आठ मिनट तक रिंग में ही पड़ी रहीं राखी
चोटिल होने से बाद राखी करीब पांच से आठ मिनट तक रिंग के भीतर ही पड़ी रहीं और इस दौरान कुछ कलाकार दबंग के गाने पर परफार्मेंस देते रहे। परफॉर्मेंस खत्म होने के बाद भी जब राखी नहीं उठीं तो रेफरी उनके पास पहुंचा। इसके बाद उसने आयोजकों को राखी के चोटिल होने की जानकारी दी। इसके बाद दो लोग राखी सावंत को कंधे के सहारे रिंग से बाहर लेकर आए।
विज्ञापन
5 of 7
राखी सावंत
चंद कदम भी चल नहीं आई सावंत
कमर में चोट लगने के कारण राखी रिंग से चंद कदम की दूरी भी तय नहीं कर पाईं। हालांकि आयोजकों ने उन्हें अपने कंधे का सहारा दे रखा था। इसके बाद भी पैर आगे बढ़ाने में दिक्कत हो रही थी। इसके चलते वह नीचे बैठ गईं। इसके बाद आयोजकों ने कुछ महिला रेसलर की मदद से उन्हें गाड़ी तक पहुंचाया।
विज्ञापन
6 of 7
राखी सावंत
राखी सावंत की कमर में लगी चोट: खली
अंतरराष्ट्रीय रेसलिंग खिलाड़ी द ग्रेट खली ने बताया कि जोर से नीचे गिरने से राखी सावंत की कमर में चोट आई है। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से उसे चलने में दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों ने रेस्ट की सलाह दी है।
कहीं पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं
रिंग में अचानक हुए इस घटनाक्रम को लेकर दर्शकों में तरह-तरह की चर्चाएं थीं। कुछ दर्शक राखी के चोटिल होने की खबर से वाकई चिंतित थे तो कुछ इसे पब्लिसिटी स्टंट के तौर पर देख रहे थे। उनका कहना था कि इससे पहले दूसरे शहरों में इस तरह के पैतरे आजमाए गए हैं।