‘आश्रम’ सीरीज में भोपा स्वामी का किरदार निभाकर हिंदी सिनेमा के दमदार कलाकारों की अगली कतार में आए अभिनेता चंदन रॉय सान्याल ने बतौर अभिनेता अपने करियर की शुरुआत निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म 'रंग दे बसंती' में एक छोटा सा किरदार निभा कर की। फिर ’कमीने’, ’जज्बा’, ’जब हैरी मेट सेजल’ जैसी फिल्मों के जरिये वह आहिस्ता आहिस्ता अपना एक अलग मकाम हिंदी सिनेमा में बना चुके हैं। ओटीटी के वह स्टार हैं और अरसे बाद उनकी एक फिल्म 'वो तीन दिन' सिनेमाघरों तक पहुंची है। 'अमर उजाला' से एक खास बातचीत में चंदन रॉय सान्याल कहते हैं, 'हां, बहुत दिनों के बाद मेरी फिल्म थियेटर तक पहुंची है। ओटीटी के आने से फिल्मों में भी कहानी कहने का तरीका बदल गया है। नए नए किरदार लिखे जा रहे हैं। ये भी एक लीक से इतर फिल्म है।'