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Bollywood Spy Top 10: पठान, कबीर, टाइगर से पहले इन जासूसों का दिखा धमाल, जितेंद्र, मिथुन की तो तकदीर बदल दी

Mon, 16 Jan 2023 04:00 PM IST
ज्योति राघव अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार


 
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फर्ज-सुरक्षा - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जासूसी कहानियों पर दुनिया भर में फिल्में बनती रही हैं। ऐसी कहानियों को लेकर सिनेमा में शुरू से ही एक अलग क्रेज रहा रहा है। फिल्मी पर्दे के जासूस पहले देश के अंदर दुश्मनों के नापाक इरादों का पर्दाफाश करते आए हैं। अब हमारे जासूस पड़ोसी देशों के नापाक इरादों का पर्दाफाश कर रहे हैं। इस महीने रिलीज होने जा रही सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'मिशन मजनू' और शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ ऐसे ही जासूसों की कहानियां हैं जो भारत के खिलाफ पनपने वाले नापाक इरादों को नेस्तनाबूद करते हैं। हिंदी सिनेमा के सितारों में भी जासूस बनने का क्रेज शुरू से रहा है तो चलिए बताते हैं आपको इन जासूसी कहानियों के बारे में बिल्कुल शुरू से..
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सीआईडी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
देव आनंद: सीआईडी (1956) 
बतौर अभिनेता गुरु दत्त ने कई फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं तो उन्होंने दूसरे कलाकारों को भी लेकर फिल्मों का निर्माण किया है। गुरु दत्त ने फिल्म 'सीआईडी' का निर्माण देव आनंद को लेकर किया था और इस फिल्म के निर्देशक राज खोसला थे। इस फिल्म में देव आनंद ने  सीआईडी ऑफिसर शेखर का किरदार निभाया था, जो एक हत्या के मामले की जांच करता है। इस फिल्म में देव आनंद के अलावा शकीला और वहीदा रहमान की मुख्य भूमिका थी। यह फिल्म 2 नवंबर 1956 को रिलीज हुई थी।
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आंखे - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
धर्मेंद्र: आंखे (1968)
रामानंद सागर की फिल्म 'आंखे' में धर्मेंद्र ने एक देशभक्त जासूस की भूमिका निभाई थी। यह फिल्म देश के खिलाफ साजिश रचने वाले आतंकी-अपराधी गिरोह का पर्दाफाश करती है। इस फिल्म में धर्मेंद्र के अलावा माला सिन्हा, महमूद, कुमकुम और सुजीत कुमार की मुख्य भूमिकाएं थी। गीत साहिर लुधियानवी ने लिखे थे और संगीत रवि ने दिया था। इस फिल्म के सभी गाने हिट थे, खास करके 'मिलती है जिंदगी में ...।' इस फिल्म के लिए रामानंद सागर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। यह फिल्म 1 जनवरी 1968 को रिलीज हुई थी।

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फर्ज - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जितेंद्र: फर्ज (1967)
रविकांत नगाइच के निर्देशन में बनी  फिल्म 'फर्ज' में जितेंद्र ने सीक्रेट एजेंट का किरदार निभाया था, जो अपने एक एजेंट मित्र की हत्या के राज से पर्दा उठाता है। इस  फिल्म में जितेंद्र के अलावा बबीता और अरुणा ईरानी की मुख्य भूमिकाएं थी। फिल्म के हिट होने के बाद से ही जितेंद्र अपनी डांस स्टाइल के चलते जंपिंग जैक के नाम से मशहूर हो गए। 6 अक्तूबर 1967 को रिलीज हुई इसी फिल्म ने उनके कदम सुपरस्टारडम की तरफ भी बढ़ाए।
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ज्वैलथीफ - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
देव आनंद: ज्वैलथीफ (1967)
एक डायमंड रिंग की चोरी के इर्द गिर्द घूमती 27 अक्तूबर 1967 को रिलीज हुई फिल्म 'ज्वैलथीफ' का निर्माण खुद देव आनंद ने अपने प्रोडक्शन हाउस नवकेतन फिल्म्स के बैनर तले किया था और फिल्म के निर्देशक विजय आनंद थे। देव आनंद के अलावा फिल्म में अशोक कुमार, वैजयंती माला और तनूजा की मुख्य भूमिकाएं थीं। वैजयंती माला की भूमिका के लिए फिल्म बनाने वालों ने पहले सायरा बानो से संपर्क किया, लेकिन दिलीप कुमार से शादी की वजह से सायरा बानो ने इस फिल्म में काम करने से इंकार कर दिया था। यह फिल्म थी।
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जॉनी मेरा नाम - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
देव आनंद: जॉनी मेरा नाम (1970)
'जॉनी मेरा नाम' अपने दौर की ना सिर्फ एक सफल जासूसी फिल्म थी, बल्कि इस फिल्म के सभी गाने बहुत हिट थे और आज भी काफी लोकप्रिय हैं। इस फिल्म में देव आनंद ने एक ऐसे सीआईडी अफसर की भूमिका निभाई है, जो वेश बदलकर केस सुलझाता है। गुलशन राय की बतौर निर्माता 'जॉनी मेरा नाम' पहली हिंदी फिल्म थी और इसका निर्देशन विजय आनंद ने किया। 11 नवंबर 1970 को रिलीज हुई इस फिल्म में देव आनंद के अलावा हेमा मालिनी और प्राण की मुख्य भूमिकाएं थी।
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दो जासूस - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
राज कपूर: दो जासूस (1975)
फिल्म 'दो जासूस' में राज कपूर और राजेंद्र कुमार ने धरमचंद और करमचंद नाम के दो जासूसों की भूमिका निभाई थी। ये दोनों जासूस एक करोड़पति बाप की लापता बेटी की तलाश करते करते एक तस्कर गिरोह का पर्दाफाश करने में सफल हो जाते हैं। राज कपूर और राजेंद्र कुमार के अलावा इस फिल्म में अरुणा ईरानी, प्रेम चोपड़ा, फरीदा जलाल ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। गायक शैलेंद्र सिंह ने इस फिल्म में एक अहम किरदार निभाया। राज कपूर और राजेंद्र कुमार की जोड़ी इस फिल्म में दोनों की हिट फिल्म ‘संगम’ के बाद नजर आई थी। 6 जून 1975 को रिलीज हुई इस फिल्म के निर्माता निर्देशक नरेश कुमार थे।

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द ग्रेट गैम्बलर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अमिताभ बच्चन‘: द ग्रेट गैम्बलर (1979)
'द ग्रेट गैम्बलर' फिल्म में अमिताभ बच्चन ने दोहरी भूमिका निभाई थी। एक सबसे बड़ा गैम्बलर, जिसने आज तक कोई बाजी नहीं हारी, दूसरा अंडरकवर पुलिस जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों की तलाश रहती है। फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा जीनत अमान, नीतू सिंह, प्रेम चोपड़ा, उत्पल दत्त, मदन पुरी जैसे बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकारों ने काम किया था। शक्ति सामंत के निर्देशन में बनी यह फिल्म 6 अप्रैल 1979 को रिलीज हुई थी।

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सुरक्षा - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मिथुन चक्रवर्ती: सुरक्षा (1979) 
मिथुन चक्रवर्ती के फिल्मी करियर के शुरुआती दिनों फिल्म 'सुरक्षा' उनके लिए काफी लकी साबित हुई थी। उस दौर में जब बड़े सितारों की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल हो रहीं थी, ऐसे में जब मिथुन चक्रवर्ती की 'सुरक्षा' हिट हुई और वह उभरते हुए सितारे बन गए। इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती ने एक ऐसे सrक्रेट जासूस का किरदार निभाया था, जो देश के दुश्मनों की साजिश का पर्दाफाश करता है। इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती के साथ रंजीता लीड भूमिका में थी। रविकांत नगाइच के निर्देशन में बनी यह फिल्म 22 जून 1979 को रिलीज हुई। 
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गोपीचंद जासूस - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
राज कपूर:  गोपीचंद जासूस (1982)
'दो जासूस' के बाद निर्माता निर्देशक नरेश कुमार ने राज कपूर को लेकर एक बार फिर जासूसी पर आधारित फिल्म 'गोपीचंद जासूस' बनाई। फिल्म में राज कपूर ने मिडिल एज जासूस का किरदार निभाया जिसे चोरी हुए हीरो को पता लगाने की जिम्मेदारी दी जाती है। इस फिल्म में राज कपूर के अलावा जीनत अमान, आई एस जौहर और सुजीत कुमार की मुख्य भूमिकाएं थी। यह फिल्म 19 फरवरी 1982 को रिलीज हुई थी।
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डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सुशांत सिंह राजपूत: डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी (2015)
चर्चा जब जासूसी फिल्मों की हो रही ही तो ब्योमकेश बख्शी के बिना बात थोड़ी सी अधूरी लगती है। इस किरदार को शरदेंदु बंदोपाध्याय ने गढ़ा  और इस पर धारावाहिक भी बन चुका है। फिल्म की कहानी भी 40 के दशक की है, जब द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान कलकत्ता पर जापानियों के आक्रमण के खतरे मंडरा रहे थे। इस फिल्म में ब्योमकेश बख्शी का किरदार सुशांत सिंह राजपूत ने निभाया और यशराज फिल्म्स की इस पेशकश के निर्देशक थे, दिबाकर बनर्जी थे। 3 अप्रैल 2015 को रिलीज हुई इस फिल्म के फ्लॉप हो जाने से सुशांत के करियर को बहुत बड़ा झटका लगा था।
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