सना खान
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उन्होंने आगे लिखा, 'अब कुछ दिन से मुझ पर ये एहसास कब्जा जमाए हुए है कि इंसान के दुनिया में आने का मकसद क्या सिर्फ यह है कि वो दौलत और शोहरत कमाए? क्या उस पर ये फर्ज आयद नहीं होता कि वो अपनी जिंदगी उन लोगों की खिदमत में गुजारे जो बे-आसरा और बेसहारा हैं? क्या इंसान को ये नहीं सोचना चाहिए कि उसे किसी भी वक्त मौत आ सकती है? और मरने के बाद उसका क्या बनने वाला है? इन दो सवालों का जवाब, मैं मुद्दत से तलाश कर रही हूं। खासतौर पर इस दूसरे सवाल का जवाब कि मरने के बाद मेरा क्या बनेगा।'