कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य कार्यकारी पदों को लिंग भेद के हिसाब से संबोधित करने के खिलाफ दुनिया भर में आवाजें सुनाई दे रही हैं। शुरुआत सिनेमा से हुई है। दुनिया के तमाम प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों के पुरस्कार धीरे धीरे अभिनेता और अभिनेत्रियों के फर्क को पाट रहे हैं। पुरस्कार अब सर्वश्रेष्ठ अदाकार के नाम से दिए जा रहे हैं। लैंगिक भेदभाव से फिल्म पुरस्कारों को मुक्त करने की इस पहल का हिंदी फिल्म जगत भी स्वागत कर रहा है और इसके समर्थन में युवा स्टार भूमि पेडनेकर ने खुलकर अपने मन की बात कही है। उनका मानना है कि इस छोटी सी शुरुआत से हम समाज में लैंगिक भेदभाव को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा सकते हैं।