फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Best Actor Khesari Lal: ‘दिल्ली में फुटपाथों पर बेचा लिट्टी चोखा, पवन सिंह के मैं अब भी पैर छूता हूं’

Sat, 04 Mar 2023 02:49 PM IST
ज्योति राघव अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
1 of 9
खेसारी लाल यादव - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
कोलकाता में हुए भोजपुरी सिनेमा स्क्रीन एंड स्टेज अवार्ड्स 2023 में हीरो खेसारी लाल यादव को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब हासिल हुआ। कभी दिल्ली के फुटपाथों पर लिट्टी चोखा बेचने वाले खेसारी का असली नाम शत्रुघ्न यादव है। पिता सेक्योरिटी गार्ड का काम करते थे और उन्हीं के साथ रहकर खेसारी ने जीवन के संघर्षों से अपना नाता बचपन से ही बना लिया। कमाल का झाल बजाने वाले खेसारी लाल यादव हिंदी सिनेमा के हीरो नंबर वन रहे गोविंदा को अपना भगवान मानते हैं। ‘अमर उजाला’ से इस खास मुलाकात में खेसारी लाल यादव ने अपनी जिंदगी से जुड़े तमाम अनुभव साझा किए हैं।
विज्ञापन

2 of 9
खेसारी लाल यादव - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
छपरा से दिल्ली आने और फिर मुंबई पहुंचकर भोजपुरी सिनेमा में छा जाने की अब तक की यात्रा याद कैसी रही?
मेरे पिताजी दिल्ली में चना बेचते थे और रात में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते थे। मैं भी उनकी देखादेखी दिल्ली चला आया। मैंने दिल्ली के फुटपाथों पर लिट्टी चोखा बेचा है। लोगों की प्लेट धोई हैं। उसी से जो कमाई होती थी, उससे मैंने दो तीन एलबम भी निकाले लेकिन सब फ्लॉप हो गए। मैंने कभी संगीत सीखा नहीं। हमारे गांव में जब लोग रामायण गाते थे तो उन्हीं के पीछे मैं झाल बजाया करता था, संगीत से मेरा पहला नाता वहीं से बना।
विज्ञापन

3 of 9
खेसारी लाल यादव - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
और, शत्रुघ्न यादव से खेसारी लाल यादव बनने की क्या कहानी है?
संगीत कार्यक्रमों में झाल बजाने के एक रात के मुझे 10 रुपये मिलते थे। उस समय मैं सात आठ साल का था और बाते बहुत करता था। ज्यादा बोलने की वजह से मेरे टीम ने मेरा नाम खेसारी रख दिया था। अब तो घर में भी मुझे कोई शत्रुघ्न के नाम से नहीं बुलाता। मेरे गांव के लोग भी मेरे असली नाम को नहीं जानते। ये खुशनसीबी है कि खेसारी नाम जो दुनिया ने दिया, उसे पूरी दुनिया ने अपना लिया।

4 of 9
खेसारी लाल यादव - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
संगीत ही आपको नृत्य की तरफ लेकर आया?
गांव में हम लोग शक्ति पूजा करते थे।  इतने पैसे तो होते नहीं थे कि आर्केस्ट्रा बुला लें तो खुद ही मंडली बनाकर सब करते थे। हमारे यहां का गुड़ायू नाच बहुत मशहूर है, इसमें लड़के ही लड़की बनकर नाचते हैं। मुझे प्रेरणा वहीं से मिली। मैं गोविंदजी का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं। उनको देखकर ही एकलव्य की तरह कुछ कुछ सीखने की कोशिश की। मैं उनकी फिल्मों का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं।
विज्ञापन

5 of 9
खेसारी लाल यादव - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
और अब तो आप गोविंदा के साथ मंच पर नाच भी लिए..
कोलकाता में हुए फिल्म समारोह में मैं ही मैं पहली बार गोविंदा जी से मिला। अचानक आपके सामने भगवान आ जाएं तो जैसा असर होगा, वैसा ही कुछ मैं भी स्तब्ध सा रह गया। मुझे लग रहा था कि मंच पर वह अपनी प्रस्तुति देकर चले जाएंगे फिर मेरा नंबर आएगा। मुझे नहीं पता था कि वह मेरे ही साथ नाचने लगेंगे। मेरी ही एक फिल्म ‘लिट्टी चोखा’ का गाना है, ‘क से कमाइब, ख से खियाइब, ग से गोडवा भी दबाइब हो’। इस गाने पर मैंने अपने भगवान गोविंदा के साथ मंच पर प्रस्तुति दी। गोविंदा ने जो काम किया है, वैसा काम कभी हम लोग भी कर पाए तो बस यही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
विज्ञापन

6 of 9
खेसारी लाल यादव - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
भोजपुरी सिनेमा में आपकी शुरुआत 'साजन चले ससुराल' से हुई, यह फिल्म कैसे मिली आपको?
शुरुआती विफलता के बाद एक समय ऐसा भी आया जब मेरे एलबम लगातार हिट होने लगे। साल 2009 में निर्माता आलोक कुमार पटना में मिले और मुझे 11 हजार रुपये देकर फिल्म 'साजन चले ससुराल' के लिए साइन कर लिया। आज तक वह रुपये मैने संभालकर रखे हैं। उस समय मैं सिर्फ 23 साल का था और भोजपुरी सिनेमा की मुझे इतनी समझ भी नहीं थी।
विज्ञापन

7 of 9
श्याम देहाती-खेसारी लाल यादव - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
और अब यूट्यूब इंडिया की साल 2022 की टॉप 10 म्यूजिक वीडियो लिस्ट में आपके दो गाने शामिल हुए..
वह मेरा रिकॉर्ड नहीं बल्कि भोजपुरी भाषा का रिकॉर्ड है। मैं तो सिर्फ एक माध्यम बना। यह लोगों का प्यार ही है जो मेरे प्रयास सार्थक होते चले गए। हम तो मेहनत हर गाने के लिए करते हैं, सब गाने इतने लोकप्रिय कहां होते हैं। जो लोगों के नजर में बेहतर है, हम बेहतर उसे ही बोलते हैं। 'कोका कोला' और 'नथुनिया' मेरे ये दो गाने टॉप टेन में रहे और इसके लिए मैं अपने सभी श्रोताओं, दर्शकों और प्रशंसकों का दिल से आभारी हूं और हमेशा रहूंगा।
Kiara Advani: फैंस से मिले बेशुमार प्यार पर कियारा ने दी प्रतिक्रिया, बोलीं- यहीं से मिलता है मोटिवेशन

8 of 9
खेसारी लाल यादव - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अच्छा एक बात बताइए अक्सर जिस मंच पर आप होते हैं, वहां अभिनेता पवन सिंह नहीं होते हैं। वजह क्या है?
पवन सिंह मेरे बड़े भाई हैं। वह अपनी जगह पर बहुत बड़े स्टार हैं और हम अपनी जगह पर खेल रहे हैं। हमारे बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ही होनी ही चाहिए। उनसे मेरी व्यक्तिगत लड़ाई कुछ भी नहीं है। आज भी जब वह मिलते हैं तो मैं उनके पैर छूता हूं। यह मेरे संस्कार हैं। एक बड़े भाई की तरह उनके प्रति मेरे दिल में हमेशा ही इज्जत रहेगी।
Hera Pheri 3: हेरा फेरी 3 के निर्देशक से फैंस नाखुश, बोले- बासी कॉमेडी परोसने वाले फरहाद सामजी को हटाओ
विज्ञापन

9 of 9
खेसारी लाल यादव - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
एक आखिरी सवाल, भोजपुरी सिनेमा के तीन बड़े स्टार राजनीति में आ चुके हैं, अगले साल लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं। आपको भी तो प्रस्ताव आते ही होंगे?
आते हैं, कई राजनीतिक पार्टियों के तरफ से मुझे चुनाव लड़ने के प्रस्ताव मिल चुके हैं। लेकिन, मैं राजनीति से दूर ही रहना चाहता हूं। मैं अमिताभ बच्चन जी की तरह आखिरी सांस तक अभिनय करना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि भोजपुरी भाषा को इसके शीर्ष तक लेकर जाऊं और पूरा जीवन इसी की सेवा में लगा रहूं।
Hrithik-Saba: सबा आजाद के साथ नवंबर में शादी करने वाले हैं ऋतिक रोशन! पिता राकेश ने बताया सच
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें