फिल्म- भयानक
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मिथुन की पहली हॉरर फिल्म
हिंदी सिनेमा के दर्शकों के लिए हॉरर शुरू से एक ऐसा विषय रहा है जिसमें उन्हें स्तरीय फिल्में देखने को कम ही मिली हैं। हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म ‘बुलबुल’ ने थोड़ी उम्मीद बंधाई है नहीं तो 1972 में आई फिल्म ‘दो गज जमीन के नीचे’ से रामसे बंधुओं ने हॉरर का जो देसी पौधा हिंदी सिनेमा में रोपा, उसकी छाया के नीचे हिंदी सिनेमा के मुख्यधारा के दर्शकों का आना कम ही हो पाया। सई परांजपे ने 1980 में फिल्म ‘गहराई’ में ये सूरत बदलने की कोशिश की थी और उससे पहले रिलीज हुई थी फिल्म ‘भयानक’। रामसे बंधु इससे पहले दो और फिल्में ‘अंधेरा’ और ‘दरवाजा’ रिलीज कर चुके थे। लेकिन, ‘भयानक’ की रिलीज ने लोगों को कुछ नया सोचने को प्रेरित किया। देखा जाए तो मिथुन चक्रवर्ती ने अपने पूरे करियर में दो ही हॉरर फिल्में की हैं, एक तो ये ‘भयानक’ और दूसरी 1989 में रिलीज हुई राज कुमार कोहली निर्देशित फिल्म ‘बीस साल बाद’ जिसमें वह डिंपल कपाड़िया और मीनाक्षी शेषाद्रि के साथ नजर आए। फिल्म ‘भयानक’ में मिथुन ने अदाकारी का एक और लिटमस टेस्ट पार किया और इसने उनकी अभिनय क्षमता की तरफ भी लोगों, खासकर हिंदी सिनेमा के निर्माताओं को ध्यान खींचा।